रुद्रपुर में एसओजी द्वारा पकड़ी गई पेंगोलिन की शल्क।
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रुद्रपुर। तराई केंद्रीय वन प्रभाग की एसओजी टीम ने दुर्लभ प्रजाति के जीव पैंगोलिन के शल्क की तस्करी के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पूर्व में एसओजी की घेराबंदी के बावजूद आरोपी फरार होने में कामयाब हो गए थे। रविवार की देर रात तस्करों को रामनगर से गिरफ्तार करने के बाद वनकर्मी उनको कोर्ट में पेश करने की कार्रवाई कर रहे हैं।
शुक्रवार को वन विभाग की एसओजी टीम को सूचना मिली थी कि दिनेशपुर से कुछ युवक दुर्लभ पैंगोलिन की शल्क लेकर गदरपुर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही एसओजी प्रभारी कैलाश चंद्र तिवारी ने घेराबंदी कर दी। इसी बीच जंगल से जा रहे तस्कर थैले में रखे पैंगोलिन की शल्क छोड़कर फरार हो गए थे। तिवारी ने बताया कि फरार तस्करों की पहचान कर ली गई थी। उन्होंने बताया कि तस्करों से बरामद शल्क को कब्जे में लेकर सुरक्षित रख दिया गया था। इसके बाद टीमें तस्करों की तलाश कर रही थी। रविवार की देर रात रामनगर के आमपोखरा से टीम ने पांच तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। तस्करों में कमलेश, विजय, बिंदर निवासीगण डिमरी ब्लॉक टांडा गूलरभोज और अनिल, राकेश निवासीगण तुमड़िया डैम मालधनचौड़ शामिल हैं। वन टीम में दुर्गादत्त मनकानी, प्रकाश तिवारी, हरीश नयाल आदि थे।
तो गूलरभोज में हो रहा पैंगोलिन का शिकार
रुद्रपुर। गूलरभोज में सात मार्च को एक तस्कर को जिंदा पैंगोलिन के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद अब फिर पैंगोलिन का शिकार कर शल्क की तस्करी में गूलरभोज के तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जलाशयों के आसपास के क्षेत्रों में पैंगोलिन का वासस्थल होता हैं। जो दुर्लभ श्रेणी में शामिल हैं।
जिंदा पैंगोलिन छोड़कर भागे थे तस्कर
रुद्रपुर। एसओजी प्रभारी कैलाश चंद्र तिवारी ने बताया पैंगोलिन की शल्क के साथ गिरफ्तार आरोपियों के पास जिंला पैंगोलिन भी था। घेराबंदी के दौरान वन जिंदा पैंगोलिन को जंगल में ही छोड़कर फरार हो गए थे। पैंगोलिन को टीम ने जंगल में सुरक्षित स्थान में ले जाकर छोड़ दिया था।