रुद्रप्रयाग में जर्जर हो चुकी सुरंग की होगी वैज्ञानिक विधि से मरम्मत।
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जर्जर सुरंग की वैज्ञानिक तकनीक से होगी मरम्मत
टीएचडीसी के विशेषज्ञों की मौजूदगी में सुरंग में बनेंगी नई लाइनिंग
अमर उजाला ब्यूरो
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ को रुद्रप्रयाग से जोड़ने के लिए गौरीकुंड हाईवे पर 68 मीटर सुरंग की जर्जर हो चुकी लाइनिंग की वैज्ञानिक तकनीक से मरम्मत की जाएगी। रात में यातायात में दिक्कत न हो इसके लिए सुरंग पर लाइटिंग भी की होगी। सुधारीकरण कार्य के दौरान हाईवे पर दो तरफा वाहनों का संचालन एक माह तक जवाड़ी बाईपास से किया जाएगा।
लगभग साठ के दशक में निर्मित सुरंग की हालत दिनोंदिन खराब होती जा रही है। पूरी तरह से जर्जर हो चुकी लाइनिंग से कई ब्लॉक नीचे गिर चुके हैं, लेकिन अब राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड लोनिवि द्वारा सुरंग को अस्थायी तौर पर दुरुस्त करने की कवायद तेज कर दी गई है। दो-तीन दिनों में टीएचडीसी के विशेषज्ञ रुद्रप्रयाग पहुंचकर सुरंग का निरीक्षण करेंगे और सुधारीकरण कार्य का खाका तैयार करेंगे। अधिकारियों के अनुसार सुरंग की जर्जर हो चुकी ब्लॉक की लाइनिंग को ध्वस्त कर शार्टकिट कर नई लाइनिंग का निर्माण किया जाएगा। इस विधि से जहां सुरंग सुरक्षित होगी। वहीं पहाड़ी से बरसाती पानी का रिसाव भी नहीं होगा। सुरंग के सुधारीकरण में एक माह का समय लग सकता है। इस दौरान केदारघाटी से रुद्रप्रयाग आने वाले व देहरादून, श्रीनगर से क्षेत्र को जाने वाले वाहन बाईपास से गुजरेंगे। इधर, राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड, लोनिवि के सहायक अभियंता अनिल बिष्ट ने बताया कि तकनीक के जरिए 68 मीटर लंबी सुरंग की नई लाइनिंग बनाई जाएगी। साथ ही सुरंग के दोनों छोर पर सुरक्षा दीवार के साथ अन्य कार्य किए जाएंगे।