केदारनाथ विधायक मनोज रावत की पहल पर उनके पैतृक गांव भणज में जागरों का प्रशिक्षण शुरू हो गया है। सात दिवसीय मांगल मेला में क्यूंजा घाटी के गांवों के महिला मंगल दल व कीर्तन मंडली द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है।
शनिवार को मांगल प्रशिक्षण का शुभारंभ केंद्रीय विवि श्रीनगर गढ़वाल के लोक संस्कृति एवं निस्पादन केंद्र के पूर्व निदेशक प्रो. डा. डीआर पुरोहित ने किया। उन्होंने कहा कि पौराणिक जागरों के गायन की परंपरा प्राचीनकाल से चली आ रही है, लेकिन गांवों से होते पलायन व पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते चलन से यह परंपरा विलुप्त होने की कगार पर है।
केदारनाथ के विधायक ने कहा कि पहले चरण में क्यूंजा घाटी के गांवों के महिला मंगल दल व कीर्तन मंडलियों को मांगल गायन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पौराणिक संगीत विशेषज्ञ डा. संजय पांडेय ने मांगल गीतों के बारे में जानकारी दी। जागर गायिका रामेश्वरी देवी ने कहा कि इसे जीवंत रखने के लिए एकजुट होकर प्रयास करना जरूरी है। प्रशिक्षण के पहले दिन दुर्लभ सिंह रावत, नंदन सिंह रावत समेत महिला मंगल दल भणज, मचकंडी, अखोड़ी, कोंथा ने जागर व मांगल गीतों की प्रस्तुति दी। इस मौके पर सौरभ मैठाणी, प्रकाश पुरोहित, महेंद्र रावत, कुलदीप नेगी, देवेंद्र नेगी, भजन रावत, जसपाल नेगी, सरोजनी देवी, उमा देवी, देवी भारती आदि थे।