ऋषिगंगा में आई तबाही में बहे लोगों की खोजबीन के लिए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया है। अलकनंदा नदी में तीन अलग-अलग स्थानों पर राफ्ट की मदद से रेस्क्यू टीम द्वारा खोजबीन की गई। जबकि अन्य छह टीमों के द्वारा नगरासू से धारी देवी तक नदी किनारे खोजबीन की गई।
मंगलवार को जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार के नेतृत्व में राहत व बचाव दल द्वारा जिले की सीमा के अंतर्गत अलकनंदा नदी के पूरे हिस्से पर खोजबीन अभियान चलाया गया। इस दौरान सारी से रुद्रप्रयाग, रुद्रप्रयाग से खांकरा और खांकरा से धारी देवी तक राफ्ट से रेस्क्यू टीम ने नदी में खोजबीन की। सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे और पुन: 2 बजे से शाम 5 बजे तक राफ्ट से नदी पर कांटा डालकर खोजबीन की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पाया। इसके अलावा पहले से गठित छह टीमों के द्वारा नगरासू, रतूड़ा, संगम से जवाड़ी बाईपास तक अलकनंदा नदी किनारे लापता लोगों की खोज की गई। उधर, श्रीनगर में एसडीआरएफ के एसआई जगमोहन सिंह ने बताया कि खोज अभियान चल रहा है। मंगलवार को नरकोटा से सिरोहबगड़ तक अभियान चला। नदी से कोई शव बरामद नहीं हुआ।
अलकनंदा नदी का पानी हुआ गादयुक्त
श्रीनगर। ऋषि गंगा में आई बाढ़ का असर यहां मंगलवार को देखने को मिला। जल संस्थान की पाइप लाइनों में गाद भर गया है। जिसके चलते मंगलवार सुबह पानी के नलों में गाद युक्त पानी आया। लगातार गंदा पानी आने की वजह से मंगलवार शाम जलापूर्ति ठप रही। जल संस्थान के अनुसार, पानी में गाद कम होने पर ही सप्लाई चालू की जाएगी।
7 फरवरी को ऋषि गंगा क्षेत्र में आए जलप्रलय का मलबा युक्त पानी श्रीनगर क्षेत्र में सोमवार रात तक पहुंचा। हालांकि मंगलवार सुबह तक श्रीनगर जल विद्युत परियोजना से नीचे पानी सामान्य था। लेकिन दोपहर बाद गंदा पानी आने लगा। जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता सोहन सिंह जेठूड़ी ने बताया कि अलकनंदा नदी में गादयुक्त पानी आ रहा है। पंप करते वक्त पानी जलाशयों तक आ रहा है। जिससे फिल्टर प्रभावित हो रहे हैं। इसी वजह से मंगलवार को गंदे पानी की आपूर्ति हुई। लगातार गंदा पानी की वजह से पंप बंद कर दिए गए हैं। पानी में गाद कम होने पर पानी चालू किया जाएगा। ब्यूरो