कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिए कंट्रोल रूम का पुन: संचालन किया जाएगा। यहां छह कार्मिकों की तैनात कर ड्यूटी लगाई जाएगी। साथ ही सिरोहबगड़ व चिरबटिया के रास्ते जिले में प्रवेश करने वाले लोगों की अनिवार्य रूप से सैंपलिंग की जाएगी।
जिलाधिकारी मनुज गोयल ने प्रशासनिक व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ आपात बैठक आयोजित करते हुए जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति पर चर्चा की। डीएम ने चिरबटिया व सिरोहबगड़ के रास्ते से जिले में आने वाले लोगों की अनिवार्य आरटीपीसीआर सैंपलिंग के निर्देश सीएमओ को दिए। साथ ही डीडीओ को बीआरटी/सीआरटी के जरिए प्रभावी कांटेक्ट टेस्टिंग कराने को कहा। जिलाधिकारी गोयल ने कहा कि स्थिति पर पैनी नजर रखने के लिए पुन: कंट्रोल रूम का संचालन जरूरी है। उन्होंने जिले में प्रतिदिन सैंपलिंग, वैक्सीनेशन, आईसीसी स्क्रीनिंग, जनजागरूकता कार्यक्रम, होम आइसोलेशन, कोविड केयर सेंटर सहित अन्य विषयों की प्रतिदिन जिला कार्यालय को रिपोर्ट देने के आदेश दिए। उन्होंने स्वयं सहायता समूह, सहकारी समितियों, आशा, एएनएम, एनएचएम, डीडीआरएफ के जवानों के साथ ही त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों से सहयोग की अपील की है। डीएम ने बताया कि जिले में पर्याप्त कोविड केयर सेंटर हैं। भविष्य में आवश्यकता होने पर इनकी संख्या बढ़ाई जा सकेगी। इसके लिए उन्होंने सीएमओ को भवनों को चिहिृृत करने को कहा।
बाजारों का होगा सैनिटाइजेशन
साप्ताहिक बंदी के दौरान जिले के बाजारों का सैनिटाइजनेशन किया जाएगा। साथ ही कोविड से बचाव के लिए निकाय व ग्राम पंचायतों में आमजन को विभिन्न माध्यमों से जागरूक किया जाएगा। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को नोडल बनाया गया है। एफएम रेडियो के माध्यम से भी लोगों को कोरोना से बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही जिले में नियमों का सख्ती से पालन के लिए राजस्व व रेगुलर पुलिस के साथ निकाय को जरूरी निर्देश दिए गए हैं।