जंगलों में लगी आग चार वर्ष का रिकार्ड तोड़ दिया है। अब तक 45 घटनाओं में 97.20 हेक्टेयर जंगल राख हो चुके हैं। उत्तरी-दक्षिणी रेंज के जंगलों में दोबारा आग भड़कने से क्षेत्र में धुएं का गुबार फैला हुआ है।
रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के उत्तरी-दकणि रेंज जखोली, अगस्त्यमुनि, खांकरा और रुद्रप्रयाग के जंगलों की आग बुझने का नाम नहीं ले रही है। कई स्थानों पर सप्ताहभर में दोबारा आग लग गई है। रविवार रात से तिलवाड़ा-मयाली और मयाली-गुप्तकाशी मार्ग से सटे जंगलों में भयानक आग भड़की हुई है। वनाग्नि का कहर थमने के बजाय, विकराल हो रही है। यहां वन संपदा जलकर राख हो रही है। आग की लपटों से छोटी वनस्पति से लेकर 20 से 30 फीट ऊंचे चीड़ के पेड़ों को जलाकर राख कर रही है।
वनाग्नि ने जिले में वर्ष 2012 का रिकार्ड तोड़ दिया है, तब फायर सीजन में 40 घटनाओं में 95 हेक्टेयर जंगल जले थे। इस बार, सरकारी आंकड़ों के मुतबिक ढाई माह में 100 हेक्टेयर क्षेत्र जलकर राख होने को हैं। कई स्थानों पर बांज-बुरांश जंगल में भी आग की चपेट में आ गए हैं, ग्रामीण क्षेत्रों में चारापत्ती का संकट पैदा हो गया है।
प्रभागीय स्तर पर पांचों रेंज के जंगलों में आग लगी हुई है। कुछ स्थानों पर दोबारा आग की सूचना है। विभागीय स्तर पर अन्य विभागों की मदद से त्वरित इंतजाम के प्रयास हो रहे हैं। चीड़ के जंगलों में लीसा से अधिक नुकसान पहुंचा है, जिस कारण दावानल भड़क रही है।
- राजीव धीमान, डीएफओ रुद्रप्रयाग वन प्रभाग
जंगलों की आग से तीन ट्रांसफार्मर जलकर खराब
रुद्रप्रयाग। जंगलों में लगी आग से ऊर्जा निगम और बीएसएनएल की विद्युत व संचार लाइनों को भी क्षति पहुंची है। दावानल से अब तक तीन ट्रांसफार्मर जलकर खराब हो गए हैं।
जंगलों की आग से तीन दिन में अगस्त्यमुनि ब्लाक के सेना-गड़सारी, अखोड़ी और पुलिस अधीक्षक आवास के समीप लगा विद्युत ट्रांसफार्मर जलकर खराब हो गए हैं। बीना-चौकी और तूना-बौंठा मोटर पर खेड़ीखाल में दो किमी विद्युत लाइन भी पिघलकर नष्ट हो गई है। क्षेत्र के जंगलों में आग जारी होने से ऊर्जा निगम मरम्मत भी नहीं कर पा रहा है। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता मनोज गुसाईं ने बताया कि आग से विद्युत लाइनों व ट्रांसफार्मर के जलने से हादसे का भी खतरा है।
दूसरी तरफ जनपद में बीएसएनएल की अलग-अलग स्थानों पर ढाई किमी ओएफसी जल गई है। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर रुद्रप्रयाग से तिलवाड़ा के बीच 1.5 किमी, चोपड़ा में 100 मीटर और सतेराखाल क्षेत्र में आठ सौ मीटर ओएफसी दो दिन में आग की भेंट चढ़ चुकी है। जिला मुख्यालय सहित गांवों में बेस, मोबाइल और ब्रॉंडबैंड सेवा ठप हैं। निगम के एसडीओ केएस रावत ने बताया कि अंडर ग्राउंड लाइनें ठीक हैं। जहां लाइनें बाहर हैं, वहां आग से खतरा बना हुआ है।