जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग की 12 हजार की आबादी इन दिनों दूषित पानी पी रही है। नगर के लिए जलापूर्ति करने वाली पुनाड़ पेयजल योजना के स्रोत पर 92 लाख रुपये में लगाए गए फिल्टर का दम फूल रहा है, लेकिन प्रशासन और जलसंस्थान मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
पुनाड़ गदेरे से नगर के लिए जलापूर्ति हो रही है। हल्की बरसात में योजना से दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। जलसंस्थान की ओर से कुछ वर्ष पूर्व योजना के स्रोत पर 92 लाख रुपये का फिल्टर भी लगाया गया, लेकिन यह शोपीस बनकर रह गया है। और अब स्थिति यह है कि लोगों के घरों के कनेक्शन में मरे सांप, मेंढकऔर कीड़े-मकौडे़ निकल रहे है। कांग्रेस के जिला महामंत्री शैलेंद्र गोस्वामी, व्यापार संघ के चंद्रमोहन सेमवाल, अशोक चौधरी, सुरेंद्र सिंह कप्रवाण, महेंद्र सिंह बिष्ट, अरूण प्रकाश वाजपेयी, पूर्व क्षेपं सदस्य भरत सिंह रावत आदि का कहना है कि बीते एक सप्ताह से नगर में मटमैला पानी सप्लाई हो रहा है। ऐसे में कोरोना संक्रमण के बीच खतरा और बढ़ गया है। बावजूद प्रशासन और जलसंस्थान कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। लोग दूरस्थ प्राकृतिक स्रोतों से पेयजल जुटाने के लिए मजबूर हैं। इधर, जलसंस्थान के ईई संजय सिंह ने बताया कि स्रोत पर लगे फिल्टर की पानी साफ करने की क्षमता कम है, जिस कारण दूषित जलापूर्ति हो रही है। 40 लाख लीटर पानी को साफ करने की क्षमता वाले फिल्टर का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।