जनपद स्थापना के 22 वर्ष के बाद आखिरकार सर्किट हाउस निर्माण की कवायद शुरू हो गई है। तीन मंजिला भवन के पहले चरण के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग ने 80 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। भवन निर्माण तीन वर्ष में पूरा किया जाएगा।
ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जिला मुख्यालय से छह किमी दूर रतूड़ा में पॉलीटेक्निक संस्थान के समीप ही सर्किट हाउस निर्माण के लिए 0.375 हेक्टेयर (लगभग 17 नाली) भूमि का चयन किया गया है। भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई पूरा करने के साथ ही कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग ने सर्किट हाउस के पहले चरण के निर्माण के लिए शासन को 80 लाख का प्रस्ताव भी भेज दिया है। बताया जा रहा है कि सर्किट हाउस का निर्माण तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। मास्टर प्लान से तीन मंजिला भवन का निर्माण किया जाएगा, जिसमें अतिथियों के ठहरने के लिए 24 कमरे होंगे। साथ ही सेमीनार हॉल, मीटिंग हॉल, कार्यालय कक्ष अलग से होंगे। साथ ही बदरीनाथ हाईवे से डेढ़ लेन का एप्रोच मार्ग भी बनेगा। विदित हो कि 17 सितंबर 1997 में अस्तित्व में आए रुद्रप्रयाग जनपद का अभी तक अपना सर्किट हाउस नहीं है। इन हालातों में सरकारी अतिथियों को जीएमवीएन व अन्य निजी अतिथि गृहों में ठहराया जाता है, लेकिन अब जल्द ही जनपद को अपना सर्किट हाउस मिल जाएगा। इस संबंध में विधायक भरत सिंह चौधरी ने बताया कि सर्किट हाउस निर्माण को लेकर सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी गई हैं। अब जनपद में चारधाम यात्रा व अन्य सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होने वाले वीवीआईपी/वीआईपी अतिथियों के रात्रि प्रवास को लेकर कोई दिक्कत नहीं होगी। साथ ही राज्य व राष्ट्रीय सेमीनार भी हो सकेंगे।
इनका कहना है
सर्किट हाउस के लिए चयनित भूमि कर सीमांकन कर दिया गया है। पहले चरण के कार्यों के लिए शासन को 80 लाख का प्रस्ताव भेज दिया गया है। मास्टर प्लान से भव्य भवन का निर्माण तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। - इंद्रजीत बोस, एक्सईएन लोनिवि प्रांतीय खंड रुद्रप्रयाग