कार्यक्रम का शुभारंभ उक्रांद के केंद्रीय महामंत्री किशोरी नंदन डोभाल ने किया। उन्होंने महोत्सव के माध्यम से प्रतिभाओं को मंच देने को सराहनीय प्रयास बताया। महोत्सव के दूसरे दिन उत्तर-मध्य क्षेत्र की टीम ने छोलिया नृत्य प्रस्तुत किया। स्कूली बच्चों के लिए भाषण, क्विज, रंगोली, मेहंदी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इससे पहले पहली सांस्कृतिक संध्या लोकगायक अनिल बिष्ट और लता तिवारी के नाम रही। बिष्ट ने रुद्रनाथ स्तुृति से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। बाद में रुद्र नाटिका का मंचन भी किया। गायिका लता तिवारी ने चैती गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दी।
नेता, अफसर, डाक्टर चढ़न नीं चांदा पहाड़
साहित्यिक संस्था कलश के सहयोग से आयोजित लोक कवि सम्मेलन मेें नरेंद्र सिंह नेगी ने धाद पत्रिका का विमोचन किया। नेगी ने कई कविताओं का पाठ भी किया। ओमप्रकाश सेमवाल ने संचालन करते हुए, इक आंदोलन हिमलै बै सुलगुणू च, देश पहाड़ा वीर बीराण्यूं धधौंण्यूं च, कविता में आतंकी घटनाओं के बारे में बताया। ओम बधाणी ने नेता अफसर गुरजी, डाक्टर चढ़न नीं चांदा पहाड़ कविता से व्यवस्था पर कटाक्ष किया। गणेश खुगशाल गणि, मदन मोहन डुकलान, हेमवती नंदन भट्ट , तेजपाल निर्मोही, संदीप रावत, डा. उमा भट्ट, जगदंबा चमोला, नंदन राणा, मुरली दीवान ने भी कविताएं सुनाई।
हल खरीदने को दिखा उत्साह
कृषि विभाग के स्टॉल में लोहे का हल खरीदने के लिए ग्रामीणों में खासा उत्साह दिखाई दिया। यहां विभाग के लोहे के 100 हल हाथों-हाथ बिक गए। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में एसीएमओ डा. ओपी आर्य व डा. मलिक के नेतृत्व में कई लोगों की जांच कर उन्हें दवा दी गई।