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Rudraprayag News: फोटो

Thu, 01 Oct 2026 05:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
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पुरानी पेंशन बहाली के लिए निकाली रुद्र आक्रोश रैली
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विभिन्न विभागों के शिक्षक, कर्मचारी एवं अधिकारी हुए शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड के आह्वान रुद्रप्रयाग में रुद्र आक्रोश रैली निकाली गई। रैली में विभिन्न विभागों के शिक्षक, कर्मचारी एवं अधिकारी शामिल हुए और पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल किए जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया।
रैली गुलाबराय मैदान से प्रारंभ होकर शहर के मुख्य बाजार से होते हुए स्टेशन परिसर तक पहुंची। इस दौरान कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली के समर्थन में नारे लगाते हुए सरकार से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने की मांग की। राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी सिंह रावत, प्रदेश अध्यक्ष मनोज अवस्थी, मुख्य संयोजक जयदीप रावत ने कहा कि रुद्र आक्रोश रैली ने कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली से जुड़ी चिंता को मजबूती से सामने रखा है। प्रदेश महामंत्री सीताराम पोखरियाल ने कहा कि सरकारी कर्मचारी अपने जीवन के 30 से 40 वर्ष राज्य और जनता की सेवा में समर्पित करने के बाद सेवानिवृत्त होता है। मगर नई पेंशन योजना के तहत जीवन यापन करना मुश्किल है। इस अवसर पर गढ़वाल मंडल अध्यक्ष शंकर भट्ट, गढ़वाल मंडल मंत्री राजीव उनियाल, प्रदेश सचिव माखन लाल शाह, प्रवीण घिल्डियाल, कोषाध्यक्ष रणवीर सिंधवाल, अध्यक्ष अंकित रौथान, महिला अध्यक्ष रनीता विश्वकर्मा ने एकजुटता जताई। रैली में राजकीय शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष आलोक रौथान, गिरिजेश सेमवाल शीशपाल पंवार, कुलदीप कंडारी, सुरजीत रावत आदि शामिल रहे। वहीं संयुक्त कर्मचारी संगठन एवं शिक्षक संगठनों की रुद्र आक्रोश रैली का उक्रांद ने भी समर्थन किया। रैली में उक्रांद के केंद्रीय महामंत्री देवेन्द्र चमोली, राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं उक्रांद नेता कमल किशोर डिमरी समर्थन किया।
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कर्मचारियों ने जलाईं शासनादेश की प्रतियां
रुद्रप्रयाग। एनएमओपीएस के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर जिले के शिक्षक-कर्मचारियों ने अपने-अपने कार्यालय और कार्यस्थल पर एनपीएस, यूपीएस और सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्यता से संबंधित शासनादेशों की प्रतियां जलाकर विरोध जताया। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की। एनएमओपीएस के जिला अध्यक्ष एसएस राणा और जिला महामंत्री राजविलोचन राणा ने कर्मचारियों से विरोध कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की थी। जखोली, ऊखीमठ और अगस्त्यमुनि ब्लॉक के कार्मिकों ने भी शासनादेशों की प्रतियां जलाईं। विरोध दर्ज कराने वालों में जिला संगठन मंत्री राकेश गैरोला, अवतार सिंह राजपूत, जखोली ब्लॉक अध्यक्ष अनुसूया प्रसाद भट्ट, महामंत्री दिनेश कोठारी, मंडलीय उपाध्यक्ष दीपक भट्ट और अनिल कपरवाण आदि शामिल रहे। संवाद

सरकारी कर्मचारियों ने अपने-अपने कार्यालयों में किया प्रदर्शन
पोखरी (चमोली)/कर्णप्रयाग। नई पेंशन योजना (एनपीएस) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) के विरोध में सरकारी कर्मचारियों ने अपने-अपने कार्यालयों में प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने नई पेंशन और यूनिफाइड पेंशन की सांकेतिक प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज किया और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग उठाई।
कर्मचारियों ने कहा कि एक अक्तूबर 2004 को कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त कर दी गई थी। पुरानी पेंशन व्यवस्था कर्मचारियों के भविष्य की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी है। सरकार को कर्मचारियों की मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए पुरानी पेंशन योजना बहाल करनी चाहिए। प्रदर्शन में शाखा अध्यक्ष लखपत सिंह नेगी, राजकिशोर बासकंडी, महिपाल चौहान, डॉ. प्रियम गुप्ता, डॉ. मोहिनी, रमेश रावत, प्रीति, शारदा और श्रवण नेगी आदि शामिल रहे। वहीं कर्णप्रयाग में भी विभिन्न विभागों के सैकड़ों सरकारी कर्मचारियों ने एनपीएस के खिलाफ तीव्र विरोध दर्ज कराते हुए काला दिवस मनाया। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन के जिला मंत्री सुरेंद्र भगत ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों के बुढ़ापे का एकमात्र सहारा और संवैधानिक अधिकार है। बाजार आधारित एनपीएस नीति ने कर्मचारियों के भविष्य को असुरक्षित कर दिया है।
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ओपीडी निशुल्क करने और पेंशन बढ़ाने की मांग
गोपेश्वर। सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन उत्तराखंड की जिला शाखा चमोली ने सीएम को ज्ञापन भेजकर पेंशनर्स की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। संगठन के अध्यक्ष हरि प्रसाद ममगाईं ने बताया कि गोल्डन कार्ड धारक पेंशनर्स के लिए ओपीडी सुविधा निशुल्क करने, राजकीयकरण की न्यूनतम अवधि 10 वर्ष आठ माह करने और 65, 70 व 75 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर मूल पेंशन में पांच-पांच प्रतिशत की वृद्धि करने की मांग की गई है। इसके अलावा गोल्डन कार्ड धारकों के चिकित्सा संबंधी लंबित प्रतिपूर्ति बिलों का शीघ्र भुगतान करने, राज्य सरकार के पेंशनर्स को भारत सरकार के पेंशनर्स की भांति स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी की। संवाद
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