विजयनगर-तैला मोटरमार्ग पर कछुआ गति से चल रहे चौड़ीकरण कार्य से सड़क खस्ताहाल है। विजयनगर से सेम बड़मा तक यह मार्ग जर्जर एवं जानलेवा बना हुआ है। आलम यह है कि ग्रामीण हिचकोले खाकर सफर करने को मजबूर है।
जखोली क्षेत्र के सिलगढ़, बड़मा पट्टी व अगस्त्यमुनि क्षेत्र के ग्रामीणों को यातायात सुविधा से जोड़ने के लिए बनाई गई विजयनगर-तैला सड़क की स्थिति विजयनगर से सेम बड़मा तक चिंताजनक बनी हुई है। सड़क पर सुस्त गति से चल रहे चौड़ीकरण कार्य ग्रामीणों की चिंता बढ़ा रहा है। वर्ष 2013-14 में विजयनगर से सेम गांव तक 11 किमी मोटरमार्ग के चौड़ीकरण एवं डामरीकरण के लिए 126 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
पैसा होने के बावजूद दो वर्ष बाद सड़क पर निर्माण पूरा नहीं पाया है। मोटरमार्ग कई स्थानों पर गड्ढे पड़े हुए है। सड़क किनारे नालियों का निर्माण भी नहीं किया गया है। जबकि सड़क के मोड़ों पर कंक्रीट रखी हुई है, जो किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे रहा है। साथ ही सड़क पर आधे अधूरे कार्य कर छोड़े गए है। थाती-बड़मा विकास संघर्ष समिति अध्यक्ष कालीचरण रावत ने कहा मोटरमार्ग पर कछुआ गति से चल रहे निर्माण का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
मजदूरों की कमी से मोटरमार्ग पर निर्माण धीमी गति से चल रहा था। अब मजदूर आ गए है। मोटरमार्ग पर शीघ्र ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- इंद्रजीत बोस, अधिशासी अभियंता लोनिवि, रुद्रप्रयाग।