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ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे दूसरे दिन भी बंद

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ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग नरकोटा के पास दूसरे दिन भी बंद रहा। पहाड़ी से रुक-रुककर पत्थर और मलबा गिर रहा है जिससे सफाई में परेशानी हो रही है। एनएच के अधिकारी व कार्यदायी संस्था मलबे का गिरना बंद होने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर हाईवे बंद होने से रुद्रप्रयाग और चमोली में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित हो रही है।
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मंगलवार को एनएच व कार्यदायी संस्था की ओर से हाईवे के प्रभावित क्षेत्र में मलबा और पत्थर हटाने का काम सुबह 5 बजे से शुरू कर दिया गया था। 15 मिनट ही काम हो पाया था कि पहाड़ी से तेजी से पत्थर और मलबा गिरने लगा। इसके बाद पूरा दिन रुक-रुककर पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरता रहा जिससे सफाई का काम नहीं हो पाया। एनएच के अधिकारियों का कहना है कि मलबे के भारी बोझ से सड़क ध्वस्त हो गई है। अब सड़क बमुश्किल दो से ढाई मीटर ही रह गई है। ऐसे में मलबे की सफाई कर ऊपरी तरफ चार मीटर कटिंग व निचली तरफ वायरक्रेट वॉल बनाकर यातायात बहाल हो पाएगा। मलबा जैसे ही गिरना बंद होगा चार-पांच घंटे में हाईवे पर यातायात बहाल कर दिया जाएगा। वहीं जिलाधिकारी मनुज गोयल ने भी हाईवे के प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया।
दूसरी ओर स्थानीय लोगों ने एनएच की कार्यशैली पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि ऑल वेदर रोड परियोजना में जिस तरह से सड़क की कटिंग की गई है उसी का परिणाम है कि मजबूत चट्टानी क्षेत्रों में भी पत्थर व मलबा गिर रहा है। अगस्त्यमुनि के कनिष्ठ प्रमुख शशि सिंह नेगी, खांकरा के पूर्व ग्राम प्रधान नरेंद्र ममगाई, बुद्धि बल्लभ ममगाई, संदीप भट्टकोटी, चंद्रमोहन, प्रदीप मलासी का कहना है कि कार्यदायी संस्था की मनमानी से यह हालात पैदा हुए हैं। हाईवे की हालत अन्य स्थानों पर भी दयनीय है।
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प्रभावित क्षेत्र में दो दिन से 4 पोकलैंड व जेसीबी लगी हुई हैं। एनएच व कार्यदायी संस्था को हाईवे दुरुस्त करने के लिए जरूरी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जो लोग दोनों तरफ फंसे हुए हैं उनके भोजन की व्यवस्था के लिए भी कहा गया है। साथ ही एनएच को मौके पर कार्य कर रहे मजदूरों की सुरक्षा के लिए उचित संसाधन मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मनुज गोयल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग
प्रभावित क्षेत्र में पुरानी सुरक्षा दीवार पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। इस कारण मलबा सफाई के बाद भी वाहनों की आवाजाही संभव नहीं है। यहां पर मार्ग की चौड़ाई दो से ढाई मीटर बची है। इस कारण बैक कटिंग कर चौड़ाई बढ़ाकर देर शाम तक हाईवे खोलने का प्रयास होगा।
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-राजेश शर्मा, सहायक अभियंता, एनएच श्रीनगर डिवीजन
फोटो- 01आरपीजी01पी, 02पी
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