कालीमठ गांव में 179 परिवार निवासरत है। पहले इन परिवारों के लिए ब्यूंखी गांव स्थित डांगी नामी तोक से पानी की सप्लाई होती थी। एक साल से स्रोत पर पानी की कमी व भूस्खलन से इसके क्षतिग्रस्त होने से कालीमठ गांव में पेयजल समस्या बनी हुई है।
ग्रामीण गांव से लगभग एक किमी दूर स्थित प्राकृतिक स्रोतों या नदी से पेयजल आपूर्ति कर रहे हैं।
कालीमठ की प्रधान गीता राणा, सामाजिक कार्यकर्ता शूरवीर सिंह राणा, प्रताप सिंह राणा, राधा देवी, मंजू देवी, देवेश्वरी देवी, पूरनी देवी ने बताया कि गांव में स्थापित दो हैंडपंप भी खराब होने से लोगों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा नई पेयजल योजना निर्माण के लिए सर्वेक्षण के निर्देश देने से ग्रामीणों में आस जगी है कि जल्द ही पानी की समस्या दूर होगी। उन्होंने शीघ्र इस पर कार्रवाई करने की मांग की है।
सीएम ने स्वयं जल संस्थान को गांव में पेयजल योजना निर्माण के लिए सर्वेक्षण के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में निरंतर संबंधित विभाग से जानकारी ली जाएगी। जल्द ही कालीमठ में पेयजल समस्या दूर करने के लिए नई पेयजल योजना निर्माण की दिशा में कार्य किया जाएगा।
शैलारानी रावत, केदारनाथ विधायक।