कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी डा. राघव लंगर की अध्यक्षता में हुई गोष्ठी में यूएनडीएमटी के टीम लीडर पुत्थुमाई ने बताया कि भूकंप या अन्य प्रकार की आपदा की स्थिति में राहत व बचाव कार्य करने से जानमाल का नुकसान कम हो सकता है।
बताया कि प्रदेश सरकार को भी रिकवरी नियोजन में तकनीकी सहयोग दिया जा रहा है। इन दिनों दल जिले में दस दिवसीय प्रशिक्षण भी दे रहा है। गोष्ठी में ट्रेनिंग को-फेसिलिटेटर दिव्य गुप्ता ने विभागीय अधिकारियों को आपदा राहत-बचाव एवं प्रबंधन को लेकर बनाए गए प्री-प्लान के बारे में बताते हुए सुझाव भी मांगे।
जिलाधिकारी डा. लंगर ने कहा कि आपदा के बाद राहत व बचाव कार्य के दौरान एनजीओ के साथ कार्य करके बहुत कुछ सीखने को मिला। इस तरह के जो भी अनुभव प्राप्त होते हैं, उन्हें सूचीबद्ध कर देना चाहिए। इससे भविष्य में विषम परिस्थितियों में राहत-बचाव में इनका उपयोग किया जा सके। डीएम ने बताया कि रिविल्ड उत्तराखंड डाट इन पर आपदा के बाद हुए कार्यों की पूरी जानकारी उपलब्ध है।
इस मौके पर डीएफओ राजीव धीमान, सीडीओ सुनील कुमार, सीएमओ डा. आरपी बडोनी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी रमेश सिंह नितवाल, परियोजना प्रबंधक अमित नेगी सहित एनजीओ से जुड़े लोग मौजूद थे।