रुद्रपुर। गदरपुर तहसील के धनपुर विजयपुर और गोविंदपुर गांव में निर्धारित सर्किल रेटों के निर्धारण में हुई गड़बड़ी को लेकर अमर उजाला की पड़ताल का बड़ा असर हुआ है। एसडीएम बाजपुर की अगुवाई में गठित कमेटी ने धनपुर विजयपुर गांव के सर्किल रेटों में पौने नौ फीसदी की कमी और गोविंदपुर के सर्किल रेटों में साढ़े 72 फीसदी तक इजाफा करने की संस्तुति की है।
इसके बाद सर्किल रेटों को संशोधित करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। इधर, दो साल पहले सर्किल रेटों को तय करने में की गई चूक पर डीएम ने जांच बिठाते हुए एसडीएम बाजपुर को जांच अधिकारी नामित किया है। माना जा रहा है कि जांच में सर्किल रेटों के निर्धारण में खेल करने वाले अधिकारी लपेट में आ सकते हैं।
दरअसल वर्ष 2016 में धनपुर विजयपुर और गोविंदपुर गांव एक ही श्रेणी में अर्द्धनगरीय क्षेत्र में शामिल होने के साथ ही उनके सर्किल रेट कृषि भूमि के लिए 72 लाख प्रति हैक्टेयर और अकृषि भूमि के लिए 8200 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित थे। वर्ष 2017 में नवगठित नगर पंचायत गूलरभोज में गोविंदपुर का कुछ हिस्सा शामिल करते हुए वार्ड नंबर दो और तीन बना दिए गए।
इसके साथ ही सर्किल रेटों में खेल करने का खाका भी तैयार कर लिया गया। 14 जनवरी 2018 को लागू नए सर्किल रेटों में धनपुर विजयपुर की कृषि भूमि की दरें 72 लाख से बढ़ाकर 79 लाख प्रति हेक्टेयर कर दी गई।
नगर पंचायत गूलरभोज के शामिल ग्राम गोविंदरपुर के आंशिक कृषि दरें 72 लाख से घटाकर 27 लाख प्रति हेक्टेयर और ग्रामीण क्षेत्र में शामिल गोविंदपुर की कृषि दरें भी 72 लाख रुपये घटाकर 20 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर कर दी गई। इसके बाद वर्ष 2020 में धनपुर विजयपुर के कृषि भूमि के सर्किल रेट बढ़ाकर 87 लाख कर दिए गए। इसके अलावा गोविंदरपुर में कृषि भूमि के सर्किल रेट 27 लाख से 30 लाख और 20 लाख से 22 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर किए गए। वर्ष 2018 में सर्किल रेटों के काफी कम होने केे बाद गोविंदपुर में जमीनों की आठ, 19 में 13 रजिस्ट्री कराई गई थी।
माना गया कि जमीनों की खरीद में लाभ की मंशा से सर्किल रेटों में भारी कमी करने का खेल किया गया था। प्रशासन ने इस मामले को लेकर एक कमेटी रिपोर्ट आने के बाद दूसरी कमेटी को जांच के निर्देश दिए थे। अमर उजाला ने आठ जुलाई को ‘एक सड़क किनारे दो गांवों के रेटों में चौगुने का अंतर’ और नौ जुलाई को ‘सर्किल रेटों के भारी अंतर से आ रही घालमेल की बू’ शीर्षक से पूरी गड़बड़ियों पर खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद प्रशासन में हड़कंप मचा था।
एसडीएम बाजपुर की अगुवाई में गठित सात सदस्यीय टीम ने जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी है। इसमेें सर्किल रेटों के निर्धारण में लापरवाही की पुष्टि हुई है। समिति ने धनपुर विजयपुर की कृषि दर 87 लाख से घटाकर 80 लाख और गोविंदपुर का 22 लाख से बढ़ाकर 80 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर करने की संस्तुति की है। इसके बाद इन संस्तुतियों की रिपोर्ट को शासन भेज दिया गया है।
दो कमेटी की धरातली रिपोर्ट में काफी फर्क
रुद्रपुर। दो गांवों के सर्किल रेटों में गड़बड़ी के प्रकरण को लेकर बीते 13 मार्च 2020 को तहसीलदार की अगुवाई में चार सदस्यीय कमेटी ने प्रशासन को रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें ग्रामीणों से बातचीत के बाद धनपुर विजयपुर की कृषि भूमि का मौके पर औसत रेट 23 से 34 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर होने की बात कही थी। इसके साथ ही स्टांप मूल्यांकन की सूची से धनपुर विजयपुर को अर्द्धनगरीय क्षेत्र से हटाने की संस्तुति की गई थी लेकिन लॉकडाउन के बाद अचानक दूसरी कमेटी ने धरातली जांच में जमीनों का रेट काफी अधिक दर्शाया है।
रिपोर्ट में धनपुर विजयपुर में आबादी से अधिक दूरी पर जमीन 23 लाख रुपये प्रति एकड़ बिक्री होने की बात ग्रामीणों की ओर से कहना गया गया है। गूलरभोज गदरपुर रोड में 30 से 35 लाख प्रति एकड़ से 60 लाख रुपये प्रति एकड़ तक जमीनों के रेट प्रचलित होना बताए गए हैं। यह भी कहा गया है कि ग्रामीणों से बातचीत के बाद धनपुर विजयपुर और गोविंदरपुर गांव (नगर पंचायत में शामिल क्षेत्र को छोड़कर) के कृषि भूमि की प्रचलित बाजर दरें समान हैं। दोनों रिपोर्टों में बड़ा विरोधाभास दिख रहा है।
इन क्षेत्रों के सर्किल रेटों में इजाफे की संस्तुति
क्षेत्र वर्तमान दर कृषि (सड़क से 200 मीटर तक) प्रस्तावित दर
गूलरभोज-गदरपुर रोड (नगरीय) 31 लाख प्रति हैक्टेयर 84 लाख
धनपुर विजयपुर 87 लाख 80 लाख
गोविंदरपुर 22 लाख 80 लाख
एसडीएम बाजपुर, आईजी स्टांप सहित सात सदस्यों की कमेटी ने सर्किल रेटों को लेकर की गई जांच रिपोर्ट दी है। इसमें धनपुर विजयपुर में वर्तमान सर्किल रेट कम करने और गोविंदपुर में सर्किल रेट में इजाफे की संस्तुति की है। इसके बाद सर्किल रेटों में संशोधन की रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। इसके साथ ही वर्ष 2018 में एक ही श्रेणी वाले दो गांवों के सर्किल रेटों के निर्धारण में अत्यधिक अंतर करने पर किस स्तर से चूक हुई, इसको लेकर डीएम ने एसडीएम बाजपुर को जांच करने के निर्देश दिए हैं। - उत्तम सिंह चौहान, एडीएम वित्त एवं राजस्व।