शहीद देव की पार्थिव देह की एक झलक पाने कोे बेसब्र हैं दोस्त
बचपन से जवानी तक बिताए लम्हे याद कर भावुक हो रहे हैं दोस्त
आज गांव में पहुंचेगा शहीद देव बहादुर का शव, लद्दाख में हो गए थे शहीद
संवाद न्यूज एजेंसी
लालपुर। शहीद देव बहादुर की पार्थिव देह का गांव पहुंचने का इंतजार परिजनों के साथ ही क्षेत्र के लोगों को भी बेसब्री से है। इसके साथ ही उन दोस्तों को भी शव का इंतजार है, जिनका बचपन से लेकर जवान होने तक का सफर देव के साथ गुजरा। ये दोस्त हर सुख-दुख में हमेशा एक-दूसरे के साथ रहे। शहीद के साथ बिताए लम्हों को याद कर दोस्त भावुक हो जाते हैं। उनकी आंखें डबडबा जाती हैं। शहीद के दोस्त जिंदगी का दामन छोड़ चुके अपने जिगरी दोस्त के अंतिम दर्शन के लिए लालायित हैं। बुधवार सुबह करीब सात बजे शहीद का शव गांव में पहुंचेगा।
जिंदादिल देव बहादुर के दोस्तों की लंबी फेहरिस्त है लेकिन कुछ दोस्तों ने उसके साथ बिताए पलों को साझा किया। गौरीकला निवासी अशोक कुमार ने बताया कि देव बहादुर (घर का नाम करन) उम्र में उनसे छोटा था। वह देव को मित्र के साथ छोटा भाई भी मानते थे। वह शुरू से ही हम लोगों को देश प्रेम के लिए प्रोत्साहित करते रहे। जब छुट्टियों में आते थे तो युवाओं के साथ ज्यादा समय बिताते थे। उनके साथ खेलना, शिक्षा को आगे बढ़ाने सहित कई सुझाव भी देते थे। देव को फोटोग्राफी का भी काफी शौक था।
गौरीकला गांव के ही दुर्गेश वर्मा ने बताया कि देव से मेरी बचपन से दोस्ती थी। वह मित्र के साथ मेरा पथ प्रदर्शक भी रहा। घटना के 15 दिन पूर्व मेरी बात उनके जन्मदिन पर हुई थी। तब देव ने घर आकर सभी दोस्तों को पार्टी देने की बात कही थी। मेरा दोस्त हमें अकेला छोड़कर चला गया। उसकी कमी जिंदगी भर खलेगी।
वहीं, अजय कुमार ने बताया कि देव अच्छे काम करने के लिए प्रेरित करते थे। छुट्टियों में आकर नए जगहों पर यार दोस्तों को घुमाना उनकी आदत थी। उन्होंने कहा कि देव जैसे दोस्त को खोकर हमने सब कुछ खो दिया है। रामपाल यादव कहते हैं कि देव मेरे सबसे अच्छे दोस्तों में था। शांत स्वभाव के कारण उसका किसी से विवाद नहीं होता था। कहा कि वे लोग बचपन से ही गांव की गलियों में खेलकूद कर बड़े हुए। बचपन की शरारतें, खेल प्रतियोगिताओं में भागीदारी और मनोरंजक यादें कभी नहीं भूलेंगी। उसकी यादें हमेशा हमें रुलाती रहेंगी। सीमा यादव कहती हैं कि वह शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के गांव से हैं। उनकी शादी गौरीकला में हुई। देव मुझे भाभी कहता था। गांव में शिक्षा और खेल को आगे बढ़ाने के लिए वह शिक्षा मंत्री से सिफारिश की बात करता था। उसके विचारों में हमेशा गांव और क्षेत्र को आगे ले जाने के साथ गरीबों का स्तर उठाने की मंशा झलकती थी।
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युवक मंगल दल ने गांव में चलाया सफाई अभियान
लालपुर। नवयुवक मंगल दल गौरीकला और राघव नगर ने पूरे गांव में सफाई अभियान चलाया। दल के सदस्यों ने गांव की झाड़ियां साफ कीं और गड्ढों को भर कर उसमें जमा पानी निकाला। जिस जगह पर शहीद देव बहादुर के पार्थिव देह को लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, वहां उगी घास को काटकर बराबर किया गया। नवयुवक मंगल दल गौरीकला में अध्यक्ष रामपाल यादव ने बताया कि अंतिम संस्कार में भारी भीड़ जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जगह-जगह पानी की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही सड़क के गड्ढों को पाट दिया गया है।
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खुरपिया फार्म में बने शहीद देव के नाम से स्टेडियम
लालपुर। कांग्रेस नेता एवं राज्य आंदोलनकारी सुरेश पपनेजा ने राज्यपाल को पत्र भेजकर शहीद देव बहादुर के नाम से खुरपिया फार्म में स्टेडियम बनाने की मांग की है। कहा है कि स्टेडियम बनने से क्षेत्र के युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने शहीद के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी।
फोटो 21आरडीपी 01पी: किच्छा के गौरीकला निवासी शहीद अपने दोस्तों के साथ (फाइल फोटो)।
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स्कूल का नाम शहीद देव के नाम पर रखने की मांग
पंतनगर। कांग्रेस के प्रदेश सचिव संजीव कुमार सिंह ने किच्छा के गौरीकला निवासी शहीद देव बहादुर के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। संजीव ने कहा कि देव बहादुर ने प्राथमिक शिक्षा कनकपुर इंटर कॉलेज से ग्रहण की थी। देव बहादुर की शहादत पर स्थानीय लोगों की मांग को देखते हुए उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि कनकपुर इंटर कॉलेज का नाम देव बहादुर के नाम रखा जाए। वहां सूरजपाल सागर, महेश पाल, कमलेश दुबे, कांग्रेस के नगर अध्यक्ष अरुण तनेजा, संजय यादव, वंदना कुशवाहा, किशन और मोहन लाल आदि थे। संवाद
फोटो 21आरडीपी 02पी: किच्छा के गौरीकला में शहीद के परिजनों को सांत्वना देते कांग्रेस नेता संजीव सिंह।
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आज पहुंचेगा शहीद का पार्थिव शरीर
किच्छा। लद्दाख में शहीद हुए देव बहादुर का पार्थिव देह बुधवार सुबह उनके गौरीकला स्थित आवास पर पहुंचेगा। शहीद के भाई ग्वालियर में तैनात सैनिक किशन बहादुर ने बताया कि लद्दाख से फोन पर सेना के सीओ ने जानकारी दी है कि मंगलवार को दोपहर डेढ़ बजे लद्दाख से सेना का वायुयान शहीद का पार्थिव देह लेकर दिल्ली रवाना हो गया है। उन्होंने बताया कि सीओ के अनुसार बुधवार सुबह को सड़क के रास्ते सेना के जवान शव को लेकर घर पहुंचेंगे। शहीद देव बहादुर की अंत्येष्टि कनकपुर और राघवनगर के मध्य बने श्मशान घाट पर होगी। संवाद
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राज्यपाल की ओर से पुष्पचक्र अर्पित किया जायेगा
किच्छा। एसडीएम विवेक प्रकाश ने बताया कि शहीद देव बहादुर का पार्थिव देह यहां आने पर गौरीकला स्थित प्राथमिक स्कूल में अंतिम दर्शनों के लिए रखा जाएगा। वहां राज्यपाल की ओर से पुष्पचक्र अर्पित किया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश सरकार की ओर से मंत्री यशपाल आर्य श्रद्धांजलि देंगे। एसडीएम ने बताया कि शहीद को अंतिम सलामी के लिए सेना का विशेष बैंड हल्द्वानी से आएगा। संवाद
नोट
इस खबर के फोटो यूडीएस मेल आईडी में भेजे जाएंगे।
Friends are eager to get a glimpse of the dead body of Shaheed Dev- फोटो : KITCHHA
किच्छा के गौरीकला में शहीद के परिजनों को सांत्वना देते संजीव सिंह।- फोटो : RUDRAPUR
किच्छा के गौरीकला निवासी शहीद देव (बीच में) के साथ खड़े दोस्त आशीष और अजय।- फोटो : RUDRAPUR