ग्राम पंचायत नरकोटा के ग्रामीणों ने प्रस्तावित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के निर्माण में प्रभावित होने वाली कृषि भूमि का साढ़े तीन लाख सर्किल रेट पर मुआवजा दिए जाने की मांग की।
पूर्व ग्राम प्रधान सुरेंद्र प्रसाद जोशी की अध्यक्षता में हुई खुली बैठक में वक्ताओं का कहना था कि राजस्व व रेल विभाग की ओर से जिस तरह से भूमि का सीमांकन किया गया है, वह सही नहीं है। काश्तकारों की मौजूदगी में पुन: भूमि का सर्वेक्षण किया जाए।
कहा कि काश्तकारों को सर्किल रेट 3.5 लाख रुपये प्रति नाली के हिसाब से या निर्धारित सर्किल रेट से आठ गुना अधिक की दर पर मुआवजा दिया जाए। बैठक में कहा गया कि बदरीनाथ हाईवे से सटे गांव के करीब 35 परिवार होटल, रेस्टोरेंट, लॉज व अन्य प्रकार का व्यवसाय करते है, लेकिन संबंधित भूमि का अधिग्रहण हो रहा है, जिस कारण ये सभी लोग प्रभावित हो रहे हैं।
ऐसे में अधिगृहित की गई भूमि पर व्यापारियों व भू स्वामियों की ओर से किए गए निर्माण का मुआवजा, विस्थापन और प्रभावितों को रोजगार दिया जाए। साथ ही नरकोटा गांव में रेल विभाग से म्युजियम निर्माण व रेलवे स्टेशन बनाने की मांग भी की गई।
इस मौके पर क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनीता जोशी, पुष्पा देवी, सत्य प्रसाद, दीपक सिलोड़ी, प्रदीप, प्रमोद भट्ट, सरिता देवी, रघुनंदन, प्रवेश चंद्र, संतोष भट्ट आदि मौजूद थे।