कुंड-ऊखीमठ-चोपता-मंडल-गोपेश्वर हाईवे जयवीरी में ध्वस्त होने के कारण चौथे दिन भी बंद रहा। वहीं, राशन, सब्जी से लदे ट्रक 46 किमी का लंबा फेर लगाकर तहसील मुख्यालय ऊखीमठ पहुंचे। इस दौरान कारोबारियों को प्रति क्विंटल ढाई सौ रुपये अतिरिक्त ढुलान देना पड़ा। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड लोनिवि से यथाशीघ्र हाईवे को दुरुस्त करने की मांग की है। साथ ही ऐसा नहीं होने पर 20 मई से आंदोलन की चेतावनी दी है।
रुद्रप्रयाग जनपद की तुंगनाथ घाटी सहित चमोली जनपद के 40 से अधिक गांवों को जोड़ने वाला कुंड-मंडल-गोपेश्वर राजमार्ग जयवीरी के समीप चट्टान टूटने से चार दिन से बंद पड़ा है। एनएच द्वारा एक सप्ताह से दस दिन के भीतर प्रभावित हिस्से को दुरुस्त कर यातायात बहाल करने की बात कही गई है, लेकिन यहां जिस तरह से मलबा सफाई का काम चल रहा है। उससे नहीं लगता कि तय समय में शायद की कार्य पूरा हो सके।
दूसरी तरफ, रविवार को भीरी-मक्कू-मक्कू बैंड होते हुए राशन व सब्जी के ट्रक 46 किमी का लंबा फेर लगाकर ऊखीमठ पहुंचे। व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भट्ट ने बताया कि मालवाहक वाहनों के लंबे फेर से बाजार में पहुंचने से ढुलान बढ़ गया है, जिससे खुदरा मूल्य बढ़ने की संभावना है। एक व्यापारी ने बताया कि पूर्व में वह 170 रुपये प्रति क्विंटल ढुलान देते थे, लेकिन रविवार को उन्हें 250 से 300 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त ढुलान देना पड़ा, जिससे कई वस्तुओं की कीमतें बढ़ना स्वाभाविक है। इधर, विधायक शैलारानी रावत और पूर्व विधायक आशा नौटियाल ने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव आरके सुधांशु से फोन पर बातचीत कर हाईवे की स्थिति से अवगत कराया है। वहीं एनएच के सहायक अभियंता अनिल बिष्ट ने बताया कि दस दिन के भीतर हाईवे के क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक किया जाएगा।