बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी डा. राघव लंगर ने पीड़ित और उसकी माता को धनराशि का चेक प्रदान किया। इस मौके पर डीएम ने एसपी के प्रयासों की सराहना करते हुए महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही।
आमजन के जागरूक होने से ही इस तरह के अपराधों पर नियंत्रण हो सकेगा। बीते वर्ष अप्रैल में बलात्कार की शिकार हुई नाबालिग के प्रकरण में पुलिस अधीक्षक प्रह्लाद नारायण मीणा की ओर से शासन स्तर पर पत्राचार के बाद यह आर्थिक मदद स्वीकृत की गई।
25 अप्र्रैल 2014 को ज्ञानचंद्र उर्फ मनोज पुत्र शिवचंद दास, निवासी भागलपुर, बिहार पर अपनी नाबालिग पुत्री के साथ दुराचार का आरोप लगाते हुए जिले के एक गांव की महिला ने कोतवाली रुद्रप्रयाग में तहरीर दी थी। मामले में पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार करते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 452 और 506 सहित 3/4 पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया था। विवेचना के बाद जिला जज ने 24 नवंबर 2014 को अभियुक्त को 10 साल की सजा और 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई थी। अभियुक्त वर्तमान में पुरसाड़ी जेल में है।