रुद्रप्रयाग जनपद के अंतर्गत जैविक संतृप्तीकरण योजना में तीनों विकासखंडों को चयनित किया गया है। अब ऊखीमठ, अगस्त्यमुनि व जखोली में केवल जैविक खेती ही होगी। रासायनिक खादों व उर्वरकों के बढ़ते प्रचलन व उससे मिट्टी की उत्पादन क्षमता पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए शासन ने यह निर्णय लिया है। योजना के तहत किसानों को जैविक खेती संबंधी विभिन्न तकनीकी जानकारी दी जाएगी। साथ हीं फसलों में होने वाली बीमारियों व प्रभावी उत्पादन क्षमता के लिए जैविक खादों, उर्वरकों, औषधियों की भी जानकारी जैविक उत्पाद परिषद के माध्यम से काश्तकारों को दी जाएगी।
जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जैविक उर्वरकों व औषधियों को बनाने, उन्हें इस्तेमाल करने आदि के बारे में परिषद व कृषि विभाग जानकारी देंगे। पूरे राज्य में रुद्रप्रयाग जनपद के तीनों विकासखंडों समेत दस विकासखंडों को इस योजना के तहत चयनित किया गया है। - विनय कुमार, सचिव जैविक उत्पाद परिषद