महिलाओं ने किया शराब के ठेके का विरोध।
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शराब के ठेके के विरोध में महिलाओं का विरोध जारी है। महिलाओं का कहना है कि सुविधाओं के नाम पर सरकार गांव में शराब परोस रही है। ठेके के विरोध में उतरी बसुकेदार तहसील के ग्राम पंचायत क्यार्क-बरसूड़ी की महिलाओं ने कहा कि वे बीते पांच वर्ष से शासन से 3 किमी सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन यह मांग पूरी न हो सकी, बजाय उनके गांव में शराब की दुकान प्रस्तावित की जा रही है।
बसुकेदार में हुई बैठक में ग्राम प्रधान हर्षिता देवी ने कहा कि क्यार्क गांव का एक हिस्सा सड़क से नहीं जुड़ पाया है।
कई बार सड़क की मांग के बावजूद शासन प्रशासन ने सुध नहीं ली। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली की बदहाली से भी लोग परेशान है, लेकिन इनकी अनदेखी कर गांव में शराब का ठेका प्रस्तावित किया है। इस मौके पर सोबती देवी, सावित्री देवी, ऊषा देवी सहित कई महिलाएं मौजूद थे।
इधर, तिलवाड़ा बाजार में संचालित शराब की दुकान को गीड़-भुतेर की सीमा में स्थानांतरित किए जाने का विरोध किया जाएगा। ग्राम प्रधान पुरुषोत्तम पुरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की ओर से नेशनल व स्टेट हाईवे से पांच सौ मीटर की दूरी पर ठेकों के संचालन की बात कही है, लेकिन आबकारी विभाग तिलवाड़ा की शराब को ग्राम पंचायत के ढामक तोक में शिफ्ट करना चाह रहा है, जो किसी भी मायने में सही नहीं है।
उन्होंने डीएम रंजना को ज्ञापन प्रेषित करते हुए ठेका खोलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इस मौके पर पूर्व प्रधान विक्रम कंडारी, उर्मिला रावत, जिला पंचायत सदस्य मंजू जगवाण, सरिता देवी, विनीता देवी, भगत सिंह नेगी आदि थे।