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पैदल आवाजाही की समस्या, मवेशियों के लिए चारापत्ती जुटाना हुआ मुश्किल

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लगातार तीसरे दिन भी बारिश और बर्फबारी होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिले के 20 से अधिक गांव बर्फ से ढक चुके हैं, जिस कारण लोगों की दिनचर्या व्यापक रूप से प्रभावित हो गई है। वहीं केदारनाथ धाम में सात फीट तक नई बर्फ गिरने के साथ ही अब यहां कुल 12 फीट बर्फ हो गई है।
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केदारनाथ धाम में बुधवार को दिनभर बर्फबारी होती रही। बीते 24 दिनों में यह दूसरा मौका है, जब केदारनाथ में 36 घंटे से अधिक बर्फबारी हुई है। यहां दिनभर तापमान माइनस में रहा। पैदल मार्ग भी बर्फ से ढक चुका है, जिससे आवाजाही में समस्या हो रही है। गौरीकुंड गांव समेत सोनप्रयाग से लेकर त्रियुगीनारायण, झोषी, तोषी के अलावा रांसी, गौंडार, उनियाणा, राउलेंक, दैंडा, चौमासी, चिलौंड, जाल तल्ला व मल्ला समेत रानीगढ़, धनपुर और बच्छणस्यूं पट्टी के गांवों में भी आधा से ढाई फीट तक बर्फ जम चुकी है। खराब मौसम के चलते लोगों कर अपने मवेशियों के लिए चारापत्ती जुटाना मुश्किल हो रहा है। इधर, जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग में तापमान अधिकतम 8 डिग्री और न्यूनतम 2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गौरीकुंड में अधिकतम तापमान 4 व न्यूनतम -3, सोनप्रयाग में अधिकतम 6 व न्यूनतम 2, ऊखीमठ में अधिकतम 4 और न्यूनतम -1, चोपता और तुंगनाथ धाम में माइनस में तापमान रहा। इधर, जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि खराब मौसम को देखते हुए तहसील प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय रहने को कहा गया है। साथ ही निकायों को अपने-अपने क्षेत्र में ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त अलाव की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।
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