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प्रधानमंत्री ने बाबा को भेजी पांच हजार की भेंट

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बुधवार को केदारनाथ धाम के कपाट खोलने की प्रक्रिया शुरू करते हुए मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग व अन्य - फोटो : RUDRAPRYAG
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बैंड बाजों की धुन न बाबा के जयकारे गूंजे
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रुद्रप्रयाग। कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार कपाटोद्घाटन में सेना की बैंड की धुन नहीं सुनाई दी, जबकि बीते वर्ष 31 हजार से अधिक श्रद्धालु कपाटोद्घाटन के साक्षी बने थे। वयोवृद्ध तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती ने बताया कि वे 60 वर्ष से केदारनाथ यात्रा को देखते आ रहे हैं, लेकिन पहली बार ऐसा रहा कि कपाटोद्घाटन पर धाम में एक भी दर्शनार्थी नहीं था। धाम में अब भी पांच से सात फीट तक बर्फ मौजूद है। बावजूद इसके बिजली-पानी व संचार सेवा बहाल हो गई है। धाम में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और स्वान केंद्र द्वारा दो कैमरा स्थापित किए गए हैं, जिन्हें जिला मुख्यालय के इंटरा नेटवर्क से लिंक किया गया है।
प्रधानमंत्री ने बाबा को भेजी पांच हजार की भेंट
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ मंदिर के कपाटोद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बाबा केदार के लिए भेंट स्वरूप पांच हजार की धनराशि पहुंचाई गई। कोरोना के खिलाफ इस जंग में देश को जीत मिल सके, इसी कामना के साथ बुधवार को कपाटोद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने नाम से पहली पूजा करायी गई।
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पहली बार कपाटोद्घाटन में शामिल नहीं रहे रावल
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ का रावल नियुक्त होने के बाद 20 साल में यह पहला मौका है, जब रावल भीमाशंकर लिंग कपाटोद्घाटन में शामिल नहीं हो पाए हैं। अब रावल तीन मई को धाम जा सकते हैं, इसके लिए उन्होंने देवस्थानम बोर्ड को पत्र दिया है। रावल भीमाशंकर लिंग भी बीते माह महाराष्ट्र के नांदेड में थे, जहां से वे बीती 19 अप्रैल को सड़क से अपने तीन सेवादारों और दो चालकों के साथ पंचकेदार गद्दीस्थल ऊखीमठ पहुंचे थे, जहां उन्हें होम क्वारंटीन किया गया है। डीएम मंगेश घिल्डियाल का कहना है कि स्वास्थ्य परीक्षण के बाद रावल भीमाशंकर लिंग को धाम जाने की अनुमति दी जाएगी।
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धर्मरक्षा संग राष्ट्र धर्म सर्वोपरि
मैं बाबा केदार से विश्व कल्याण के साथ देश और उत्तराखंड की सुख-समृद्धि की कामना करता हूं। मायूस हूं कि इस वर्ष श्रीकेदार धाम के कपाट खुलने पर मौजूद नहीं रहा। लेकिन धर्म रक्षा के साथ-साथ राष्ट्रधर्म भी सर्वोपरि है।
भीमाशंकर लिंग, केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग
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