केदारनाथ यात्रा पर आने वाले प्रणव मुखर्जी दूसरे राष्ट्रपति होंगे। इससे पहले वर्ष 1980 में तत्कालीन राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी केदारनाथ आए थे। आपदा के बाद इस वर्ष बाबा केदार की यात्रा कई नए आयाम हासिल कर रही है। एक तरफ जहां यात्रा के एक माह में ही दो लाख यात्री पहुंच गए थे, वहीं राष्ट्रपति भी 22 जून को धाम पहुंच रहे हैं।
इससे बीकेटीसी और प्रशासन गदगद हैं। केदारनाथ के वयोवृद्ध तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोश्ती बताते हैं कि वर्ष 1980 में राष्ट्रपति केदारनाथ पहुंचे थे। वे करीब एक घंटा धाम में रहे थे। उपराष्ट्रपति रहते हुए नब्बे के दशक में आर वेंकटरमन और प्रधानमंत्री रहते हुए इंदिरा गांधी, मोरारजी देसाई व विश्वनाथ प्रताप सिंह भी केदारनाथ पहुंचे थे। गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी केदारनाथ आ चुके हैं। वे कुछ दिन गरुड़चट्टी में रहे भी थे। ब्यूरो
केदार मंदिर का प्रतीक करेंगे भेंट
रुद्रप्रयाग। श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की ओर से महामहिम को स्मृति चिह्न के रूप में ऊखीमठ के शिल्पकारों की ओर से बनाए गए केदारनाथ का मंदिर का प्रतीक चिह्न भेंट किया जाएगा। यह स्मृति चिह्न समिति के अध्यक्ष व श्रीनगर के विधायक गणेश गोदियाल भेंट करेंगे। इसके अलावा रावल भीमाशंकर लिंग रुद्राक्ष की माला और मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह राष्ट्रपति को विशेष प्रसाद तथा मंदिर के मुख्य पुजारी चरणामृत प्रदान करेंगे। ब्यूरो