ऊखीमठ में ओंकारेश्वर मंदिर में ताम्रपत्र को लेकर आयोजित बैठक में विचार रखते बीकेटीसी के उपाध्यक
- फोटो : RUDRAPRYAG
पंचकेदार गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में फर्जी ताम्रपत्र के मामले में पंचगाई एवं मंदिर समिति की बैठक में लोगों ने प्रशासन और पुलिस से जांच की मांग की गई। लोगों ने मंदिर में साजिश के तहत ताम्रपत्र लगाने का आरोप लगाया। पंचगाई के लोगों ने मामले में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
आचार्य घनानंद मैठाणी व आचार्य हर्षमणि जमलोकी ने कहा कि जो ताम्रपत्र मंदिर के अलग-अलग हिस्सों में लगे पाए गए हैं, उन पर हिंदी में लिखा गया है। जबकि, ताम्रपत्रों की लिपि को पढ़ना आसान नहीं होता। ताम्रपत्र इस प्रकार दीवारों और दरवाजों पर लोहे की कील से नहीं ठोंके जाते। ऐसे में स्पष्ट है कि ये फर्जी और साजिश के तहत लगाए गए हैं। वक्ताओं ने कहा कि ताम्रपत्र मंदिर में कैसे पहुंचे, यह जांच का विषय है। उन्होंने मंदिर समिति के माध्यम से प्रशासन और पुलिस से उचित कार्रवाई की मांग की। कहा कि 31 अगस्त की रात को मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों से छेड़छाड़ कर ताम्रपत्र लगाए गए हैं। बैठक में पंचगाई के लोगों ने निर्णय लिया गया कि मामले में त्वरित कार्रवाई कर दोषी लोगों को जेल नहीं भेजा गया, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
इस मौके पर समिति के उपाध्यक्ष अशोक खत्री, कार्याधिकारी एनपी जमलोकी, मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने कहा कि जल्द ही पुरातत्व विभाग की टीम बुलाकर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में ताम्रपत्र हटाए जाएंगे। साथ ही मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।