राजीव गांधी आवासीय योजना के तहत लाभार्थियों को अपने ‘छत’ के लिए और इंतजार करना पड़ सकता है। नगर पालिका रुद्रप्रयाग व नगर पंचायत अगस्त्यमुनि व ऊखीमठ के लिए स्वीकृत 570 भवनों में से मात्र 209 का ही काम शुरू हो पाया है। बजट के अभाव में शेष मकानों का काम शुरू नहीं हो पाया है।
आपदा प्रभावित व गरीब लोगों को आवास मुहैया कराने के लिए यूपीए की केंद्र सरकार ने जिला स्तर पर राजीव गांधी आवासीय योजना शुरू की थी। योजना के तहत रुद्रप्रयाग में 96, अगस्त्यमुनि में 204 और ऊखीमठ मे 270 आवासीय भवन बनाए जाने हैं। बीते तीन वर्षों में केवल रुद्रप्रयाग में ही मात्र 51 भवनों का काम पूरा हो पाया है। अगस्त्यमुनि और ऊखीमठ में 270 में 63 पर काम हो रहा है। अगस्त्यमुनि में 204 के सापेक्ष 96 भवनों में प्राथमिक चरण का काम चल रहा है।
भवनों की स्थिति
रुद्रप्रयाग अगस्त्यमुनि ऊखीमठ
स्वीकृत 96 204 270
लंबित 45 108 208
राजीव गांधी आवास योजना के तहत बजट के अभाव में स्वीकृत भवनों का काम तेजी से नहीं हो पा रहा है। कुछ ही भवनों का निर्माण पूरा हुआ है। जबकि कुछ का अंतिम चरण पर है। बजट मिलते ही काम शुरू कर दिए जाएंगे।
- एमएल शाह, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका रुद्रप्रयाग।