पेयजल, बिजली और पैदल मार्ग की स्थिति से लोगों में नाराजगी
मद्महेश्वर में बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या, व्यवस्थाओं का है टोटा
ऊखीमठ/रुद्रप्रयाग। 21 मई को द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर धाम के कपाट खुलने के बाद धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। पहले ही दिन जहां 1135 लोगों ने बाबा मध्यमहेश्वर के दर्शन किए थे। इन तीन दिनों में तीन हजार से अधिक श्रद्वाल धाम पहुंच चुके है। यात्रा मार्ग पर गौंडार से लेकर धाम तक मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। पेयजल, बिजली, साफ-सफाई और यात्रा मार्ग की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई हैं। ग्राम प्रधान अनूप पंवार ने बताया कि पिछले वर्षों में यात्रा शुरू होने से पहले यात्रा मार्ग की लाेनिवि साफ-सफाई कर मार्ग की व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया जाता था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि दो महीने पहले जल संस्थान ने क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक व्यवस्था सुचारू नहीं हो पाई है। नानू से लेकर मंदिर क्षेत्र तक पेयजल की समस्या बनी हुई है। उन्होंने बताया कि यात्रा मार्ग पर कई जगह विद्युत व्यवस्था नहीं है और मंदिर क्षेत्र तक बिजली की व्यवस्था पूरी तरह सुचारू नहीं हो पाई है। यहां सोलर के माध्यम से लोग बिजली की करते है। इस तरह व्यवस्थाओं के अभाव में प्रतिदिन करीब 150 श्रद्धालु खुले में रात बिताने को मजबूर हैं। ग्राम प्रधान ने बताया रांसी से गौंडार तक निर्माणाधीन सड़क पर पिछले चार वर्षों से कार्य चल रहा है, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हो पाया है, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचकेदारों में प्रमुख धामों में शामिल मद्महेश्वर की लगातार उपेक्षा की जा रही है।
वर्जन
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता सुभाष चंद्र जुयाल ने बताया कि मध्यमहेश्वर यात्रा मार्ग पर पेयजल व्यवस्था दुरस्त की जा रही है। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यहां योजना पर कार्य करने लिए पाइप मंगवाए गए हैं और एक सप्ताह के भीतर पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया जाएगा।