जखोली विकासखंड के भरदार पट्टी के बारह से अधिक गांवों को जोड़ने वाले पैदल पुल से आवाजाही शुरू हो गई है। पुल का निर्माण कार्य लगभग पूरा होने वाला है। आपदा के बाद से ट्रॉली के सहारे हो रही आवाजाही से आखिरकार भरदार क्षेत्र के गांवों को निजात मिल गई है।
16/17 जून 2013 को आई आपदा में अलकनंदा-मंदाकिनी के संगम पर बना झूला पुल बह गया था, जिस कारण भरदार पट्टी के जवाड़ी, स्वीली, दरमोला, रौंठिया सहित बारह से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया था। लोक निर्माण विभाग द्वारा यहां पर ट्राली लगाई गई थी जो हमेशा सवालों का कारण बनी रही।
ट्रॉली से मरीजों को लाने में होती थी दिक्कत
ट्रॉली से बीमार व बच्चों को अस्पताल लाने में खासी दिक्कतें उठानी पड़ी। ऐसे में मरीज व गर्भवती महिला को लेकर पांच से सात किमी अतिरिक्त रास्ता तय कर रुद्रप्रयाग पहुंचना होता था लेकिन अब ग्रामीण आसानी से नव निर्मित पुल से अपने घरों तक पहुंच सकेंगे।
169.15 लाख रुपये की लागत से लोनिवि प्रांतीय खंड रुद्रप्रयाग द्वारा पुल का निर्माण लगभग पूरा होने वाला है। विदित हो कि आपदा के डेढ़ वर्ष बाद संगम पर शासन द्वारा स्टील गार्डर पुल निर्माण की स्वीकृति दी गई थी।
स्टील गार्डर पुल के एक छोर पर लेवल के लिए कार्य हो रहा है जो दो-तीन दिन में पूरा हो जाएगा। वैसे, पुल से सामान्य आवाजाही शुरू कर दी गई है।
- विश्वजीत खत्री, जेई लोनिवि रुद्रप्रयाग