रुद्रपुर। केंद्र सरकार की ओर से खालिस्तान समर्थक संगठन सिख फॉर जस्टिस को बैन करने के बाद सभी थानों के नोटिस बोर्ड पर बैन का आदेश चस्पा किया गया है। इसके अलावा डीएम और एसएसपी कार्यालय में आदेश को चस्पा किया गया है। इसमें संगठन से जुड़कर अलगाववादी गतिविधियों में लिप्त मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। संगठन पर बैन के बाद जिले की पुलिस और खुफिया एजेसियों के लोग अलर्ट हैं। खास तौर पर सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है।
दरअसल सिख फॉर जस्टिस संगठन ने रेफरेंडम 2020 मुहिम शुरू की थी। सोशल मीडिया के माध्यम से संगठन लगातार सिखों को जोड़कर भ्रमित कर रहा था। पंजाब में सक्रिय रहे संगठन के लोगों पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के साथ ही कई लोगों को गिरफ्तार भी किया था। ये संगठन अलगाववादी एजेंडे को बढ़ाने के लिए सिखों को जोड़ रहा था। लगातार संगठन की सक्रियता और अलगाववादी एजेंडे के बाद सक्रिय भारत सरकार ने संगठन को देश में बैन कर दिया है।
अब भारत सरकार की ओर से सभी राज्यों के थानों में संगठन को बैन करने के आदेशों को नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके तहत यूएसनगर के सभी थानों के नोटिस बोर्ड में आदेश को चस्पा किया जा रहा है। दरअसल तराई में खालिस्तान के समर्थन में आवाजें उठती रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में पुलिस की पकड़ में कुछ मामले भी आ चुके हैं। इसके बाद सिख फॉर जस्टिस पर प्रतिबंध के बाद यूएसनगर में खास तौर पर सतर्कता बरती जा रही है।
एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने बताया कि सिख फॉर जस्टिस को बैन किया जा चुका है। भारत सरकार के निर्देश पर बैन संबंधी आदेश की कॉपी को हर थाने के नोटिस बोर्ड पर चस्पा किया जा रहा है। फिलहाल इस संगठन की कोई गतिविधि जिले में प्रकाश में नहीं आई है। अगर ऐसी कोई गतिविधि सामने आती है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।