रोज जिला अस्पताल आ रहे 40-50 मरीज लौट रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। जिला चिकित्सालय से नेत्र रोग विशेषज्ञ के तबादले के बाद नेत्र रोग विभाग की सेवाएं ठप हो गई हैं। चिकित्सक नहीं होने से आंखों से जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए आने वाले मरीजों को बिना उपचार के लौटना पड़ रहा है। ऐसे में मरीजों को निजी अस्पतालों या श्रीनगर मेडिकल कॉलेज सहित अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 40 से 50 मरीज नेत्र रोग संबंधी जांच और उपचार के लिए पहुंचते हैं लेकिन हाल ही में नेत्र रोग विशेषज्ञ अमित अंब के तबादले के बाद विभाग में कोई चिकित्सक तैनात नहीं है। इससे ओपीडी और अन्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। मरीजों को इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र द्विवेदी ने बताया कि हाल ही में हुए तबादलों के तहत नेत्र रोग विशेषज्ञ का स्थानांतरण हो गया है। फिलहाल विभाग में कोई चिकित्सक नहीं है। नए नेत्र रोग विशेषज्ञ की तैनाती के बाद ओपीडी और अन्य सेवाएं फिर से सुचारु हो जाएंगी।