ब्रिज बनने से हल्के वाहनों का हो सकेगा संचालन, एक सप्ताह में हो जाएगा तैयार
पुल के दोनों तरफ एप्रोच पुश्तों निर्माण में अभी लगेगा समय
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संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे को गौरीकुंड हाईवे से जोड़ने वाले रैंतोली-जवाड़ी बाईपास पर रैंतोली में अलकनंदा नदी पर निर्माणाधीन पुल के एप्रोच पुश्तों का निर्माण कार्य जोरों पर है। मगर इसमें अभी समय लगेगा। ऐसे में यहां एनएच की ओर से अभी अस्थायी तौर पर 30 मीटर बैली ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है ताकि यहां आवागमन सुचारु रहे। बैलीब्रिज बनने से यहां हल्के वाहनों का संचालन किया जा सकेगा जिससे बाजार में लग रहे जाम से निजात मिल जाएगी। यह ब्रिज एक सप्ताह में बन जाएगा।
रैंतोली में इन दिनों वन विभाग कार्यालय की तरफ वाले क्षेत्र में एप्रोच पुश्तों का निर्माण किया जा रहा है। पुल के दोनों तरफ 20-20 मीटर के आरसीसी एप्रोच पुश्तों के निर्माण के साथ ही निचली तरफ 115 मीटर लंबी दीवार भी बनाई जा रही है जिससे सड़क चौड़ी हो जाएगी। मगर इसमें समय लग रहा है। यहां जल्द से जल्द आवाजाही शुरू हो इसके लिए पुल के रैंतोली वाली तरफ 30 मीटर लंबे बैलीब्रिज का निर्माण भी किया जा रहा है। इस पुल का कार्य एक सप्ताह में पूरा होने की उम्मीद है। राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे ने बताया कि बैलीब्रिज बनने से छोटे वाहनों का संचालन हो सकेगा।
भूस्खलन जोन का स्थायी ट्रीटमेंट अंतिम चरण में पहुंचा
रुद्रप्रयाग। गौरीकुंड हाईवे पर भटवाड़ीसैंण में 150 मीटर से अधिक क्षेत्र में भूस्खलन जोन का रॉक एंकरिंग तकनीक से स्थायी ट्रीटमेंट का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। यहां सड़क की पर्याप्त चौड़ाई के लिए निचली तरफ आरसीसी पुश्तों का निर्माण किया गया है। यहां पिछले छह माह से भूस्खलन जोन का ट्रीटमेंट कार्य किया जा रहा है। अब यहां पहाड़ी को संरक्षित करने से बरसात में मलबा व पत्थर नहीं गिरेंगे। संवाद