बाबा केदर की यात्रा के चार दिन बाद भी धाम में इंटरनेट सेवा शुरू नहीं हो पाई है। बीएसएनएल की मोबाइल सेवा भी हिचकोले खा रही है। लाखों रुपये खर्च कर प्रशासन ने केदारनाथ से रुद्रप्रयाग तक लोकल इंटर नेटवर्क स्थापित किया है। बावजूद इसके अब तक इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पाया है।
बुधवार को ट्रायल के तौर पर वाई-फाई सेवा शुरू करने का प्रयास सफल नहीं हो पाया। ऐसे में धाम में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से जहां संपर्क करने में मुश्किलें हो रही हैं। पैदल पड़ावों पर भी मोबाइल सेवा हिचकोले खा रही है। गौरीकुंड से अगस्त्यमुनि के बीच भी संचार सेवा की स्थिति बदहाल बनी हुई है।
बृहस्पतिवार को दिनभर केदारनाथ में बिजली सप्लाई गुल रही। इस दौरान धाम में जरूरी कार्यों में दिक्कत हुई। ऊर्जा निगएम के एसडीओ अर्चित भट्ट ने बताया कि धाम में तीर्थ पुरोहितों के आवास और अन्य स्थानों पर बिजली सप्लाई की जा रही है। इसके लिए ट्रांसफार्मर से सप्लाई बंद कर कार्य किया जा रहा है।
2782 यात्रियों ने किए बाबा केदार के दर्शन
रुक-रुककर होती रिमझिम के बीच केदारनाथ धाम में 2782 यात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन किए। धाम में सुबह पांच बजे से भक्तों की भीड़ जुटने लगी थी। इधर, प्रात: 7 बजे से प्रशासन की ओर से सोनप्रयाग से पैदल मार्ग से यात्रियों को रवाना किया गया। दोपहर दो बजे तक 2460 यात्री गौरीकुंड से धाम के लिए रवाना हो गए थे। आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार 13266 यात्री बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। उधर तृतीय केदार तुंगनाथ में भी दो सौ से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया।