मद्महेश्वर घाटी के रांसी गांव में तीन दिवसीय मनणी माई जात का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर मनणी माई की डोली ने मनणी बुग्याल के लिए प्रस्थान किया। कोरोना संक्रमण की वजह से इस 32 किमी लंबी यात्रा में सिर्फ दस श्रद्धालु ही शामिल हुए।
बुधवार को रांसी गांव में सुबह पांच बजे से मनणी माई की विशेष पूजा-अर्चना शुरू की गई। सुबह 6.30 बजे डोली ने रांसी गांव से प्रस्थान किया। रात्रि प्रवास के लिए थौलदार पहुंची। यात्रा के संचालक शिव सिंह रावत व रवींद्र भट्ट ने बताया कि कोविड-19 संक्रमण के कारण इस बार यात्रा का कार्यक्रम तीन दिन का रखा गया है। जात सनियारा, पटूणी, थौलधार, शिलासमुद्र होते हुए 23 जुलाई को मनणा धाम पहुंचेगी। 24 जुलाई को रांसी स्थित राकेश्वरी मंदिर पहुंचेगी। जहां जात का समापन होगा। यात्रा में पुजारी मानवेंद्र भट्ट, रवींद्र भट्ट कलम बिष्ट, ऋषिराज खोयाल, दीपक बिष्ट, रोहित नेगी, अनीश नेगी, प्रियांशु रावत, शिशुपाल, आशीष आदि थे।