अगस्त्यमुनि ब्लाक के रानीगढ़ व धनपुर पट्टी के दूरस्थ नैल, खरखोटा सहित दस से अधिक गांवों के ग्रामीणों को अब आठ से 12 किमी पैदल दूरी नहीं नापनी पड़ेगी। क्षेत्र के लिए 9.625 किमी कोट-घोलतीर मार्ग की स्वीकृति का शासनादेश जारी होने के साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा चार अक्तूबर को इसका शिलान्यास भी कर दिया गया है।
वर्ष 1994-95 में रानीगढ़ व धनपुर पट्टी के 10 से अधिक गांवों के लिए 8.25 किमी कोट-घोलतीर मोटर मार्ग स्वीकृत किया गया था। लोनिवि द्वारा तीन किमी कटिंग की गई थी, लेकिन वन अधिनियम के चलते आगे निर्माण नहीं हो पाया था। कटिंग हिस्सा भी बरसात से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था।
ऐसे में ग्रामीणों को मार्ग का कोई लाभ नहीं मिल पाया। नए सर्वेक्षण के तहत नौ किमी से अधिक मोटर मार्ग की स्वीकृति के साथ चार करोड़, 24 लाख, 15 हजार की राशि स्वीकृति की गई है। इस मार्ग के बनने से नैल, खरकोटा, जखोली, डोभ, चंद्राढुंगी, कांडा, भुनका, कोदिमा आदि गांव की करीब छह हजार से अधिक आबादी को लाभ मिलेगा।
इधर, लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड रुद्रप्रयाग के अधिशासी अभियंता इंद्रजीत बोस ने बताया कि मार्ग निर्माण की प्रारंभिक प्रक्रिया के तहत इस माह के तीसरे सप्ताह में टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। अगले एक वर्ष में कार्य पूरा कर दिया जाएगा।