जिले के एक अशासकीय स्कूल के प्रधानाचार्य द्वारा एनएनएस कैंप में छात्रा के साथ छेड़छाड़ के मामले में अब ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है। मंगलवार को एसडीएम की मौजूदगी में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई, जिसमें मामले की उच्च स्तरीय जांच किए जाने व विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी पूर्व प्रबंधक एलपी भट्ट को सौंपे जाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
विकासखंड सभागार में कार्यकारिणी सदस्य मुरली भट्ट की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में घटना की अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने निंदा की। वक्ताओं ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए जो भी बातें सामने आई हैं, उससे विद्यालय की छवि धूमिल हुई है। कहा कि वह अपने बच्चों के भविष्य को लेकर अब चिंतित है। मामले को लेकर रोष जताते हुए वक्ताओं ने कहा यदि स्कूल में ही बेटियां सुरक्षित नहीं है तो वह कैसे अपने बेटियों को स्कूल भेजे। कहा आरोपी प्रधानाचार्य माफी योग्य नहीं है। इस दौरान बैठक में सर्व सम्मति से दो सूत्री प्रस्ताव पारित किए गए, जिसमें प्रधानाचार्य द्वारा बीते वर्ष 31 दिसंबर को एनएसएस कैंप में छात्रा के साथ छेड़छाड़ की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है। साथ ही विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी पूर्व प्रबंधक ललिता प्रसाद भट्ट को सौंपे जाने की बात कही गई। अभिभावकों ने कहा कि पूर्व प्रबंधक भट्ट के नेतृत्व में स्कूल ने कई उच्च मानक स्थापित किए है। बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्य भूपेंद्र भंडारी, राजेश्वरी नेगी, ग्राम प्रधान लखपति देवी, उप प्रबंधक बलवीर सिंह रावत, सदस्य सत्य प्रसाद भट्ट, दयाल सिंह, हर्षवर्धन नैथानी, एलपी भट्ट, एसएमसी अध्यक्ष उमेद सिंह रौथाण, परशुराम सेमवाल, शैलेंद्र सिंह चौहान, गुलाबी देवी, मोहन सिंह चौहान, किरन देवी, स्नेहलता देवी, समा देवी, सीता देवी, संगीता देवी, चंमनदेई देवी आदि लोग मौजूद थे।