रुद्रप्रयाग। नाबालिग बालिका को कमरे में बंधक बना उस पर लैंगिक हमला करने के मामले में दोषी अभियुक्त को विशेष न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल की अदालत ने पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता केपी खन्ना ने अदालत को बताया कि बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले का निवासी युवक अगस्त्यमुनि थाना क्षेत्र के एक गांव में किराए पर रहता था। नौ अप्रैल 2019 को वह गांव की एक नाबालिग बालिका को बहला फुसलाकर अपने कमरे में ले गया। काफी खोजबीन के बाद भी बालिका का पता नहीं चलने पर परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने युवक के कमरे का दरवाजा तोड़कर बालिका को खोज निकाला। तब बालिका डरी सहमी स्थिति में बदहवास सी मिली थी। बालिका को उसके परिजनों के हवाले कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। विशेष न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल ने सभी पक्षों को सुनने और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। ब्यूरो