शांतिपुरी। उपखनिज निकासी के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली को व्यवसायिक पंजीकरण कराने वाले को ही अनुमति दिए जाने से खनन कारोबारी नाराज हैं। उन्होंने इमलीघाट गेट को बंद कर निर्णय के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने लालकुआं विधायक को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की। निकासी गेट बंद होने से विभाग को लाखों का नुकसान हुआ है।
सोमवार को खनन कारोबारियों ने इमलीघाट गेट को बंद कर प्रदर्शन किया। कहा कि वन विकास निगम ने उपखनिज निकासी में पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्रॉली का व्यवसायिक पंजीकरण करने के आदेश जारी किए हैं। गेट पर 504 ट्रैक्टर-ट्रॉली पंजीकृत हैं। स्टोन क्रेशर भाड़े के दाम नहीं खोल रहे हैं, इससे उनको तीन महीने से दिक्कत आ रही है।
अब वन निगम ने वाहनों का व्यवसायिक पंजीकरण कराने का फरमान जारी कर दिया है। उन्होंने कहा कि निगम की ओर से पहले से ही रॉयल्टी बढ़ाकर वाहन स्वामियों पर अतिरिक्त बोझ डाला हुआ था। अब इस नए फरमान से कारोबारी और परेशान हो गए हैं। कारोबारियों के प्रतिनिधिमंडल ने विधायक नवीन दुमका से मिलकर ज्ञापन सौंपा।
विधायक ने इस संबंध में प्रशासन और सरकार से वार्ता कर हल निकालने का भरोसा दिया। वहां कुंदन कोरंगा, जीवन गोसाई, कविंदर कोरंगा, नवीन पपोला, सुमेश कोरंगा, विक्की थापा, हरीश रौतेला, नरेश मेहता, राजू राणा, सोनी, खड़क सिंह, शिवानंद, पुष्कर दानू, नंदन चौहान, राजेंद्र सिंह, नवीन जोशी, राम मेहता, महेश, भूपेश, मयंक तिवारी आदि थे।
उपखनिज से भरी पांच बैलगाड़ियां पकड़ीं
बाजपुर। पुलिस ने सोमवार सुबह इटव्वा रोड पर अवैध रूप से रेता-बजरी लेकर जा रही पांच बैलगाड़ियों को देखा। पुलिस को देखकर बैलगाड़ी वाहक मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि माफिया कोसी और दाबका नदी से उपखनिज निकालकर बैलगाड़ियों के माध्यम से एक स्थान पर एकत्र कर वाहनों से अन्यत्र ले जाते हैं।