बारिश से नदियों का जल स्तर बढ़ रहा है। 16/17 जून 2013 को आई केदारनाथ आपदा के बाद से मंदाकिनी नदी मलबे से पटी है। अधिकांश स्थानों पर नदी का तल पांच से सात मीटर तक ऊंचा है।
रुद्रप्रयाग से आगे तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, विजयनगर और चंद्रापुरी के अलावा फाटा, सोनप्रयाग मंदाकिनी नदी 50 से एक सौ मीटर की दूरी पर बह रही है। इन स्थानों पर मलबा, रेत, गाद, पत्थर होने से अगस्त्यमुनि में नदी का तल करीब पांच मीटर और सिल्ली में सात मीटर ऊपर उठा है।
हालिया दिनों में हुई बारिश से इन स्थानों पर नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। आपदा कंट्रोल रूम के आंकड़ों पर गौर करें तो 23-24 जून को मंदाकिनी नदी का जलस्तर रुद्रप्रयाग से अगस्त्यमुनि तक 620 और 619 मीटर था। 26 जून को यह जलस्तर 625 और 626 मीटर पहुंच गया था।
यह खतरे के निशान से सवा मीटर से कम रह गया था। मलबे से पटे नदी हल्की बरसात में भी उफान पर बह रही है। वाडिया संस्थान देहरादून के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. सुशील कुमार का कहना है कि नदी तल बढ़ना भविष्य के लिए खतरा है। इसकी सफाई बिना प्लानिंग के नहीं की जा सकती है।