लालपुर। ऋषिकेश जा रहे युवक से तीन लोगों ने मारपीट कर 18 हजार रुपये लूट लिए। आरोपियों ने युवक को धारदार हथियार से घायल करने के बाद मरा समझकर गंगापुर मार्ग पर नहर में फेंक दिया। पुलिस ने घायल को 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा लेकिन डाक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। पुलिस वारदात में शामिल बदमाशों की तलाश में जुटी है।
रविवार को अल्मोड़ा के दन्यां निवासी कैलाश (28) पुत्र शंकर दत्त अपने घर से ऋषिकेश जाने के लिए निकला था। सोमवार की तड़के दो बजे वह रोडवेज बस से उतरा था। कैलाश ने एक टेंपो चालक से शराब की दुकान के बारे में जानकारी पूछी थी। कैलाश के अनुसार टेंपो में तीन लोग सवार थे। इन लोगों ने दुकान तक ले जाने की बात कहकर उसे टेंपो में बिठा लिया था और गंगापुर रोड पर ले जाकर धारदार हथियारों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। आरोपियों ने उसकी जेब में रखे 18 हजार रुपये और मोबाइल भी लूट लिया था। इसके बाद आरोपी उसे मृत समझकर ग्राम नारायणपुर के पास स्थित एक नहर में फेंक गए। इधर, सोमवार की सुबह मजदूरों के बच्चे बकरी लेकर नहर पर गए तो उन्होंने कैलाश को पड़ा हुआ देखा। ग्राम प्रधान दीपक मिश्रा ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस के अनुसार कैलाश भी नशे में था। उसने पुलिस को बताया कि वह हिसार हरियाणा से आ रहा था। मगर पुलिस ने कैलाश की पत्नी से जानकारी ली तो उसने बताया कि वह रविवार को घर से ऋषिकेश के लिए निकला था। वह रुद्रपुर में कैसे उतर गया इसकी जानकारी उसे नहीं है। कैलाश के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। चौकी प्रभारी ललित मोहन रावल ने कहा कि टेपों में बैठे लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा आसपास के सीसीटीवी की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
नहर में पानी होता तो जा सकती थी कैलाश की जान
लालपुर। कैलाश को बेहोशी की हालत में जिस नहर में फेंका गया था, उसमें पानी नहीं था। अगर नहर में पानी होता तो कैलाश की जान जा सकती थी । कैलाश ने बताया कि उसे नहर में कब फेंका गया इसकी जानकारी नहीं है। मगर वह चार से पांच घंटे नहर में पड़ा रहा। उसे दस बजे होश आया था।