सिल्ला गांव में शुक्रवार रात अचानक लगी लगी आग से 16 कमरों का आवासीय मकान ध्वस्त हो गया। हादसे में दो परिवारों का सारा सामान जलकर खाक हो गई है।
शुक्रवार रात को करीब साढ़े नौ बजे सिल्ला गांव निवासी बृजमोहन पुरोहित, कृष्ण मोहन पुरोहित, चंद्रमोहन पुरोहित व मदन मोहन पुरोहित के संयुक्त आवासीय मकान में अचानक आग लग गई।
मकान में कृष्णमोहन और चंद्रमोहन का ही परिवार रहता था। हादसे के दौरान पूरे मकान में कृष्णमोहन और उनकी छोटी बेटी ही थी। जबकि उसकी पत्नी व दो बच्चे तथा चंद्रमोहन का परिवार रिश्तेदारी में विवाह समारोह में देहरादून गए थे।
इधर, आग की लपटें देख पड़ोसी राकेश नौटियाल ने शोर मचाकर कृष्णमोहन और उसकी बेटी को सकुशल बाहर निकाला। ग्रामीणों ने अपने घरों में भरे पानी के बर्तनों से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की लपटें इतनी ज्यादा थी कि उस पर पानी का कोई असर नहीं हुआ।
इधर सूचना पर रात को ही थानाध्यक्ष सीएस चौहान फायर ब्रिगेड के साथ गांव पहुंचे, लेकिन भौगोलिक विषमता के कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका। कुछ ही घंटों में 16 कमरों का दो मंजिला मकान धू-धू कर जल गया। सुबह तक भी यहां आग सुलगती रही।
मकान में रह रहे दो भाइयों के परिवार के राशन, कपड़े, आभूषण सहित जरूरी कागजात खाक हो गए हैं। आग लगने का कारण सार्ट सर्किट होना बताया जा रहा है।
इधर, शनिवार को क्षेत्रीय पटवारी ने क्षति का आकलन किया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य बीर सिंह बुडेरा, पूर्व प्रधान अनुसूया प्रसाद पुरोहित ने प्रभावित परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है।