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देहरादून के गैंगस्टर ने दोस्तों के साथ की थी एलआईयू इंस्पेक्टर के घर चोरी, मुख्य आरोपी पकड़ा

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रुद्रपुर कोतवाली में पुलिस की गिरफ्त में गैंगस्टर राजन। - फोटो : RUDRAPUR
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सात महीने पहले एलआईयू इंस्पेक्टर के घर हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। देहरादून के गैंगस्टर ने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।
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चोरी के बाद पुलिस से बचने के लिए वह अपनी कार में रुड़की के एक अधिवक्ता की कार की फर्जी नंबर प्लेट लगाकर भागा था। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने खुलासा करने वाली टीम को 2500 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
पांच दिसंबर 2019 को एलायंस सिटी वन कालोनी निवासी एलआईयू इंस्पेक्टर प्रकाश कांबोज अपने पिता इंद्रजीत सिंह के साथ अस्पताल और बच्चे स्कूल गए थे। चोरों ने कमरे का ताला तोड़कर 17 तोला सोने, चांदी के जेवर समेत 10 लाख से अधिक का सामान चोरी कर लिया था। सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के जरिये पुलिस चोरों की तलाश कर रही थी। सीसीटीवी फुटेज में एक ब्रेजा कार संख्या यूके 17 जे7874 जाते हुए दिखी थी।
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कार की नंबर प्लेट की पुलिस ने जांच की तो पता चला कि कार रुड़की के एक अधिवक्ता नाम पंजीकृत है। कार में इसी नंबर प्लेट को लगाकर आरोपियों ने बरेली में भी चोरी की थी। कोरोना संक्रमण के चलते हुए लॉकडाउन हो गया और पुलिस को दबिश रोकनी पड़ी। आनलॉक शुरू होते ही पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर चोरों की तलाश शुरू कर दी थी। एसएसआई विपिन चंद्र जोशी व एसआई सुधाकर जोशी के नेतृत्व में टीम ने उत्तर प्रदेश के कई संभावित ठिकानों पर दबिशें दी थी। 24 जुलाई को पुलिस को सूचना मिली की उक्त नंबर की कार थाना कसाया जिला कुशीनगर यूपी में है।
पुलिस टीम ने तत्काल वहां पहुंचकर घेराबंदी कर कार सवार को दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम राजन निवासी ग्राम बाबूछपरा मोरवन थाना रामकोला जिला कुशीनगर बताया। उसने एलआईयू इंस्पेक्टर के घर के साथ इसी कॉलोनी में दो अन्य घरों में भी चोरी करने की बात कबूली। पुलिस कार समेत आरोपी को पकड़कर कोतवाली ले आई।
एसएसआई विपिन चंद्र जोशी ने बताया कि आरोपी देहरादून का गैंगस्टर है। इसके खिलाफ अलग-अलग जिलों के कई थाना, चौकी में दो दर्जन से अधिक केस दर्ज हैं। टीम में कोतवाल केसी भट्ट, एसएसआई विपिन चंद्र जोशी, एसआई सुधाकर जोशी, मनोहर चंद्र, कांस्टेबल कुलदीप, भूपेंद्र सिंह, प्रकाश भगत, कैलाश तोमक्याल समेत कई मौजूद थे।
बुलंदशहर से बदली थी कार की नंबर प्लेट
रुद्रपुर। देहरादून का गैंगस्टर राजन दोस्तों के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाता था। उसने बताया कि पांच दिसंबर 2019 को वह अपनी ब्रेजा कार संख्या डीएल 3 सीसीक्यू 6156 में दिल्ली से बुलंदशहर में अपने दोस्त राजीव के घर आया। जहां पूर्व में बनाई गई योजना के तहत राजीव व उसका एक दोस्त भी साथ में आए।
बुलंदशहर से चलने से पहले उन्होंने कार के अंदर रखी अधिवक्ता के कार की फर्जी नंबर प्लेट लगा ली। दोपहर 12 बजे तीनों कार से रुद्रपुर की पॉश कॉलोनी में पहुंच गए। कालोनी का जायजा लेने के बाद राजन व राजीव ताला तोड़कर अंदर घुसे। सोने, चांदी के जेवरात समेत 10 लाख का सामान लेकर आसानी से फरार हो गए।
गैंगस्टर का एक साथी बरेली में हुए मुठभेड़ में हुआ ढेर
रुद्रपुर। गैंगस्टर राजन ने रुड़की के अधिवक्ता की कार की फर्जी नंबर प्लेट लगाकर कई राज्यों में चोरी की। गैंग के चार सदस्य मिलकर चोरी करते थे। सितंबर 2019 में उन्होंने कार में यहीं फर्जी नंबर प्लेट लगाकर बरेली के इज्जतनगर क्षेत्र में ताला तोड़कर चोरी की। इस दौरान उनकी पुलिस से मुठभेड हो गई थी। जिसमें राजन का साथी लक्ष्मण सिंह बिष्ट उर्फ चाचा निवासी अल्मोड़ा को पुलिस ने ढेर कर दिया था।
रामकोला थाने में राजन पर 10 केस
गैंगस्टर ने बताया कि पूर्व में उन्होंने मिलकर देहरादून, गाजियाबाद, गौतम बुद्धनगर, बरेली और हरियाणा में चोरी व डकैती डाली। इसमें वह जेल जा चुका है। राजन के खिलाफ ग्राम बाबूछपरा थाना रामकोला कुशीनगर में 10 से अधिक केस दर्ज हैं।
कागजों को रास्ते में फाड़कर, जेवर और रुपये का किया बंटवारा
रुद्रपुर। एलआईयू इंस्पेक्टर के घर में चोरी के बाद कागजों को तीनों चोर रास्ते में फाड़कर फेंक दिया था। राजन ने बताया कि राजीव ने सोने, चांदी के कुछ जेवरात व एलसीडी अपने जानने वाले को बेच दिया था, लेकिन कुछ जेवरात को बचाकर रख दिया था ताकि पकड़े जाने के बाद उसे बरामद कराया जा सके।
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