द्वितीय केदार भगवान मध्यमहेश्वर की चल उत्सव विग्रह डोली राकेश्वरी मन्दिर रांसी पहुंची - संवाद
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ऊखीमठ। द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर की चल उत्सव विग्रह डोली राकेश्वरी मंदिर रांसी पहुंच गई है। बृहस्पतिवार को डोली गिरिया पहुंचेगी और 21 नवंबर को अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान हो जाएगी। इसी के साथ शीतकालीन यात्रा का शुभारंभ भी हो जाएगा।
बुधवार को बाबा मद्महेश्वर की चल उत्सव विग्रह डोली गौंडार गांव से पूर्वाह्न 11:30 बजे रवाना हुई। इससे पूर्व धाम के मुख्य पुजारी शिवलिंग ने डोली की आरती उतारी। इसके बाद गौंडार के लोगों के साथ प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक दीपक रावत एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक राम दत्त गोस्वामी की मौजूदगी में सभी ग्रामीणों ने गौंडार गांव से डोली को विदा किया। डोली दोपहर बाद राकेश्वरी मंदिर रांसी पहुंची जहां लोगों ने डोली की आगवानी की। ग्रामीणों ने भगवान मद्महेश्वर को सामूहिक रूप से अर्घ्य लगाया। महिलाओं ने भजन-कीर्तन किए। इस मौके पर ग्राम प्रधान गौंडार अनूप पंवार, शिव सिंह रावत, देवानंद गैरोला, रविंद्र भट्ट, देवेंद्र पटवाल, बृजमोहन पंवार, दीपक पंवार, शिवानंद पंवार, कमल सिंह नेगी, नरेंद्र पंवार आदि मौजूद रहे।
त्रिदिवसीय मद्महेश्वर मेला आज से
ऊखीमठ। भगवान मद्महेश्वर की चल उत्सव विग्रह डोली के अपने शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचने पर मद्महेश्वर मेला समिति की ओर से त्रिदिवसीय मद्महेश्वर मेले का शुभारंभ होगा। मेला समिति के अध्यक्ष व नगर पंचायत अध्यक्ष कुब्जा धर्मवाण ने बताया कि 20 से 22 नवंबर तक होने वाले मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ खेल प्रतियोगिताएं भी होंगी। मेला सचिव प्रकाश रावत ने बताया कि मेले की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। संवाद