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Rudraprayag: मैडम मैं नाबालिग हूं, परिजन जबरन करा रहे शादी, मुझे पढ़ना है....फिर कॉल कटते ही दौड़ पड़ी टीम

Thu, 03 Apr 2025 01:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग

सार

लड़की का फोन आया कि उसके माता-पिता उसका जबरन विवाह करवाना चाह रहे हैं। विवाह की तिथि तय हो चुकी है और वह तैयारियों में जुटे गए हैं। उसने बताया कि वह नाबालिग है और दसवीं में पढ़ रही है। वह आगे पढ़ना चाहती है, लेकिन परिजन नहीं मान रहे हैं।
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रुद्रप्रयाग जनपद के एक दूरस्थ गांव में नाबालिग की शिकायत पर चाइल्ड हेल्पलाइन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसका विवाह रुकवाया दिया है। नाबालिग की शिकायत पर ही चाइल्ड हेल्पलाइन वर्कर गांव पहुंचीं और परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाया। नाबालिग की उम्र 16 वर्ष है और वह दसवीं में पढ़ रही है।

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बुधवार को चाइल्ड हेल्पलाइन को एक लड़की का फोन आया कि उसके माता-पिता उसका जबरन विवाह करवाना चाह रहे हैं। विवाह की तिथि तय हो चुकी है और वह तैयारियों में जुटे गए हैं। उसने बताया कि वह नाबालिग है और दसवीं में पढ़ रही है। वह आगे पढ़ना चाहती है, लेकिन परिजन नहीं मान रहे हैं।

गांव पहुंची टीम
इस पर, चाइल्ड हेल्पलाइन और वन स्टॉप सेंटर ने त्वरित कार्रवाई की और चाइल्ड हेल्पलाइन से केस वर्कर अखिलेश सिंह और जिला बाल संरक्षण इकाई से सोशल वर्कर पूजा भंडारी नाबालिग के गांव पहुंची और उसके परिजनों से बात की। दोनों ने उन्हें नाबालिग बेटी का विवाह नहीं कराने की समझाइश दी।
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इसके साथ ही वर पक्ष से भी फोन पर बात कर उन्हें बताया गया कि बाल विवाह कानूनी अपराध है इसके लिए उन्हें दो वर्ष जेल और 1 लाख का जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं। इस पर, परिजनों ने आश्वस्त किया कि वह अपनी बेटी के बालिग होने और उच्च शिक्षा ग्रहण करने के बाद ही उसका विवाह करेंगे। वहीं, वर पक्ष द्वारा भी पूरा सहयोग करने की बात कही गई।

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इधर, वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी रंजना गैरोला भट्ट ने बताया कि अक्तूबर से लेकर अब तक नाबालिग के विवाह रुकवाने के अभी तक 16 प्रकरण आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि दूरस्थ गांव की नाबालिग के स्वयं फोन कर विवाह की सूचना देना सुखद है। बताया कि बालिका ने इस पहल से यह भी संदेश दिया है कि वह अपनी शिक्षा और कॅरिअर के प्रति गंभीर है। उन्होंने बताया कि संबंधित राजस्व उप निरीक्षक और बाल विकास विभाग को भी नाबालिग के परिजनों से निरंतर संवाद करने को कहा गया है।

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