रुद्रपुर। परिजनों की गैर मौजूदगी में एक किशोरी को डरा-धमका कर उसके साथ दुष्कर्म कर उसे गर्भवती बनाने वाले अधेड़ को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो विजय लक्ष्मी विहान की अदालत ने आजीवन कारावास और 80 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपी ने दो वर्ष पूर्व खटीमा क्षेत्र में वारदात को अंजाम दिया था।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (पॉक्सो) विकास गुप्ता ने बताया कि 18 जुलाई 2017 को खटीमा निवासी एक व्यक्ति ने तहरीर में कहा था कि उसकी 13 वर्षीय बेटी करीब सात माह से बीमार चल रही थी। 17 जुलाई 2017 को वह बेटी को टनकपुर स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए ले गया। यहां जांच के बाद डॉक्टरों ने बेटी के आठ माह से गर्भवती होने की बात बताई।
अस्पताल से घर आने पर बेटी ने बताया कि 16 नवंबर को जब वह घर में अकेली थी तभी ग्राम पचौरिया थाना खटीमा निवासी 50 वर्षीय पुष्कर राम घर में घुसा और उसे डरा धमकाकर दुष्कर्म किया। पुष्कर राम के डर से उसने परिजनों को यह बात नहीं बताई।
पुलिस ने पुष्कर राम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी धरपकड़ शुरू कर दी। 19 जुलाई को किशोरी ने एक बच्चे को जन्म दिया और इसी दिन पुलिस ने खटीमा बस अड्डे से पुष्कर राम को भी गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट के आदेश पर किशोरी के नवजात शिशु के साथ पुष्कर राम का डीएनए मैच किया गया जिसमें नवजात के पुष्कर राम का होने की पुष्टि हुई।
पुलिस द्वारा आरोप पत्र दाखिल करने के बाद मामला विशेष न्यायाधीश पॉक्सो विजय लक्ष्मी विहान की अदालत में पहुंचा। यहां सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (पॉक्सो) विकास गुप्ता ने सात गवाह पेश कर पुष्कर राम पर लगे आरोपों को सिद्ध कर दिया। जिसके आधार पर बुधवार को अपना फैसला सुनाते हुए अदालत ने आरोपी पुष्कर राम को आजीवन कारावास के साथ ही 80 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।