केदारनाथ व केदारघाटी को जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनी सुरंग की लाइनिंग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे इन दिनों बरसात का पानी टपक रहा है। साथ ही समीप पहाड़ी से भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है, जो कभी भी किसी हादसे का कारण बन सकता है। बावजूद एनएच द्वारा सुरंग की सुध नहीं ली जा रही है।
केदारघाटी व केदारनाथ धाम को रुद्रप्रयाग से जोड़ने के लिए अलकनंदा व मंदाकिनी के संगम के ठीक ऊपर पहाड़ी काटकर बनाई गई 67 मीटर सुरंग का निर्माण किया गया था, लेकिन निर्माण के बाद से शायद ही कभी सुरंग की मरम्मत हो पाई हो, जिस कारण यह जर्जर हो गई है। सुरंग की लाइनिंग बदहाल हो गई है, जिसके कई ब्लॉक अपनी जगह छोड़ चुके हैं। मार्च माह में लाइनिंग से एक साथ तीन ब्लॉक गिर गए थे। सुरंग से गुजर रहे भारी वाहनों की आवाज से अन्य ब्लॉकों के भरभरा कर ढहने का खतरा भी बना हुआ है। बावजूद एनएच निर्माण खंड लोनिवि द्वारा सुध नहीं ली जा रही है। इधर, एनएच के ईई जेके त्रिपाठी ने बताया कि सुरंग के स्थायी ट्रीटमेंट के लिए शासन को दो माह पूर्व प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है। वित्तीय स्वीकृति मिलने पर यथाशीघ्र कार्य शुरू किया जाएगा। फौरी तौर पर अस्थायी मरम्मत जल्द कर दी जाएगी।