बाबा केदार की यात्रा आने वाले वर्षों में और सुलभ हो जाएगी। एक तरफ ऑल वेदर रोड के तहत रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे दुरुस्त हो जाएगा। वहीं, सोनप्रयाग तक रेल की पहुंच होने से यात्रा को गति मिलने के साथ स्थानीय बाजार भी बढ़ेगा।
125 किमी लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना का सोनप्रयाग तक विस्तार, क्षेत्र के लिए कई मायनों में लाभकारी होगा। आपदा प्रभावित क्षेत्र में रेल लाइन बिछने से जहां यहां भूस्खलन व भू-धंसाव जोन का स्थायी ट्रीटमेंट होगा। वहीं, अधिकांश रेल लाइन के भूमिगत होने से बरसात व विषम परिस्थितियों में भी क्षेत्र की जिला मुख्यालय व ऋषिकेश से कनेक्टिविटी बनी रहेगी। रेल मंत्रालय द्वारा सोनप्रयाग तक रेल लाइन बिछाने के लिए डिजिटल सर्वेक्षण किया जा चुका है। रुद्रप्रयाग से सोनप्रयाग की दूरी 70 किमी है, लेकिन रेल लाइन बिछने से यह दूरी करीब 45 किमी रह जाएगी।
क्षेत्र के वयोवृद्ध व केदारनाथ के तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती, पूर्व विधायक आशा नौटियाल, शैलारानी रावत, दिनेश बगवाड़ी, डा. आशुतोष किमोठी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रदीप बगवाड़ी, रमेश उत्तराखंडी आदि का कहना है कि केदारघाटी को रेल लाइन से जोड़ने से पूरे क्षेत्र के विकास को गति मिलने के साथ ही आमजन के लिए जरूरी सुविधाएं जुटाने में भी आसानी होगी। इधर, रेलवे के उप महाप्रबंधक एसके बरनवाल ने बताया कि सोनप्रयाग तक विस्तारीकरण का डिजिटल सर्वे कार्य पूरा हो चुका है। जल्द ही रेल मंत्री का चारधाम का दौरा कर, विस्तारित परियोजना का शिलान्यास भी करेंगे।