खराब मौसम और गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग के बंद होने के कारण केदारनाथ की पैदल यात्रा नहीं हो पाई। रास्ता कई स्थानों पर संवेदनशील बना हुआ है। केदारघाटी में शुक्रवार सुबह से हो रही बारिश के कारण सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए यात्री नहीं छोड़े गए।
दूसरी तरफ नेहरू पर्वतरोहण संस्थान द्वारा छोटी व बड़ी लिनचोली के बीच रास्ते पर टूटे 30 फिट रास्ते की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। टीम लीडर देवेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में 42 मजदूरों द्वारा प्रात: सात बजे से कार्य शुरू किया गया। बताया कि प्रभावित स्थान पर पुश्ते की बुनियाद रखने के लिए खोदाई कर दी गई है।
दो दिन में आरसीसी पुश्ते का निर्माण पूरा कर दिया जाएगा। पैदल यात्रा पुश्ता निर्माण के चलते बाधित न हो, इसे देखते हुए प्रभावित क्षेत्र से कुछ दूरी पर 40 मीटर वैकल्पिक मार्ग तैयार कर दिया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस, निम व एसडीआरएफ के जवानों की मौजूदगी में अगले दो दिन तक यात्रा का संचालन उसी रास्ते से किया जाएगा।
72 यात्रियों ने किए दर्शन
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ में शुक्रवार को 72 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए। इसके बाद पुलिस व एसडीआरएफ के जवानों द्वारा इन यात्रियों सहित 81 लोगों को पैदल रास्ते से सकुशल गौरीकुंड तक पहुंचाया गया। यात्री बीते बृहस्पतिवार को धाम पहुंचे थे और वहीं रुक गए थे। उधर, केदारनाथ में अब भी 25 यात्री रुके हुए हैं। ये लोग पैदल चलने में असमर्थ हैं, जो हेलीकॉप्टर से ही लौटना चाहते थे। दोपहर 12 बजे से कोहरा लगने के कारण हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका। मौसम ठीक होने पर शनिवार को हेलीकॉप्टर से गुप्तकाशी उतरा जाएगा।