नौज्यूला-मैखंडा की आराध्य मां नानतोली की दिवारा यात्रा रात्रि विश्राम के लिए अपने नौवें पड़ाव जामू गांव पहुंची। यहां ग्रामीणों व ध्याणियों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों और फूल-मालाओं के साथ यात्रा का भव्य स्वागत किया।
शुक्रवार सुबह 9 बजे जीआईसी फाटा में विशेष-पूजा अर्चना के बाद मां नानतोली देवी की दिवारा रात्रि विश्राम के लिए दोपहर 1 बजे जामू गांव पहुंची। यहां ध्याणियों ने आराध्य की पूजा-अर्चना कर घर, परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इस मौके पर मोर की झाड़ की विशेष पूजा की गई। मान्यता है कि मोर के झाड़ में एक साथ सभी देवता निवास करते हैं। रात्रि जागरण के साथ यहां देवनृत्य का भी आयोजन किया गया। इससे पहले बृहस्पतिवार को मां नानतोली की दिवारा जीआईसी फाटा पहुंची थी। दिवारा में 87 वर्षीय महानंद सेमवाल सहित कई वृद्ध भी प्रतिभाग कर रहे हैं।
नानतोली देवी दिवारा यात्रा समिति के अध्यक्ष रघुवीर सिंह सजवाण व जयंती प्रसाद कुर्मांचली ने बताया कि 23 वर्ष बाद 21 जुलाई से शुरू हुई मां नानतोली की दिवारा अब तक रविग्राम, खड़िया, पल्या खड़िया, खाट, धानी, मैखंडा, ब्यूंग, कोरखी गांव का भ्रमण कर चुकी है। नौज्यूला-मैखंडा क्षेत्र के गांवों में ग्रामीण दिवारा में शामिल होने के लिए अपनी ध्याणियों को बुला रहे हैं। ग्रामीण विजय जमलोकी, त्रिलोक सिंह, सुभाष कुर्मांचलि आदि ने बताया कि गांवों का भ्रमण करने के पश्चात मां नानतोली देवी केदारनाथ का भ्रमण भी करेंगी।