पट्टी बच्छणस्यूं की लाइफ लाइन कहे जाने वाले खांकरा-खेड़ाखाल मार्ग पर प्रशासन के निरीक्षण के बाद भी सुधार नहीं हो रहा है। सड़क पर निकास नाली का भी निर्माण नहीं हो पाया है। वहीं कई स्थानों पर बने गड्डे भी हादसों का सबब बने हैं। बावजूद इसके कार्यदायी संस्था एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) इसकी सुध नहीं ले रहा है।
आपदा के बाद सिरोहबगड़ की समस्या के विकल्प के रूप में तैयार किए जा रहे खांकरा-खेड़ाखाल मार्ग के सुधार के लिए 11 करोड़ रुपये से अधिक स्वीकृत किए गए थे। मार्ग पर सुधार कार्य मार्च 2016 में पूरा होना था, लेकिन स्थिति यह है कि मार्ग पर न तो निकास नाली बन पाई और न ही पुश्तों का निर्माण पूरा हो पाया है। शिकायत पर जिलाधिकारी ने निरीक्षण कर जरूरी निर्देश देने के बाद भी सुधार नहीं है।
कार्यदायी संस्था एडीबी ने बीते वर्ष नवंबर-दिसंबर से टुकड़ों में मार्ग पर डामरीकरण शुरू किया, लेकिन कई स्थानों पर डामर बिछते ही उखड़ने लगा। डीएम की फटकार के बाद काम में सुधार तो हुआ, लेकिन निकास नाली बनाए बिना ही डामर बिछाई जा रही है। छह माह बीतने के बाद भी 22 किमी मार्ग पर अभी तक कोलतार बिछाने का काम पूरा नहीं हो पाया है। वहीं कांडई से दो किमी पहले मार्ग पर बना गड्डा हादसों को न्योता दे रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि विभाग लापरवाही से काम कर रहा है।
मार्ग पर कुछ स्क्रपर का निर्माण घटिया हुआ है। दो स्थानों पर तो गड्डे बन गए हैं। इससे खतरे की संभावना बनी है। ठेकेदार को कार्य में सुधार के निर्देश दिए गए हैं। मार्ग पर निकास नाली का निर्माण जल्द किया जाएगा।-- एमसी पांडेय, अधिशासी अभियंता, एडीबी रुद्रप्रयाग