बष्टी-हाट मोटर मार्ग पर डालसिंगी गांव के समीप हुए बस हादसे में घायलों को जितना जल्द हो सकता था, उस तत्परता के साथ ग्रामीणों ने अस्प्ताल पहुंचाने का काम किया। बस के गिरने की सूचना पर, डालसिंगी, नैली, अरखुंड, पाली और बसुकेदार गांव के युवा और ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर हादसे के आधा से पौन घंटे के भीतर सभी घायलों को खाई से सड़क में पहुंचा दिया था।
सोमवार देर शाम करीब पौने छह बजे डालसिंगी गांव से करीब एक सौ मीटर बस अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। हादसे की सूचना पर स्थानीय सहित अन्य निकटवर्ती गांवों के युवा व अन्य ग्रामीण अपने घरों से दौड़े-दौड़े घटनास्थल पर पहुंचे।
बिना संसाधनों के बावजूद ग्रामीणों ने बस में फंसे घायलों को निकाला और इसके बाद एक-एककर सड़क में पहुंचाना शुरू किया। इस दौरान कुछ लोगों के द्वारा क्षेत्र के सभी निजी वाहन स्वामियों को फोन पर सूचना देकर तत्काल मौके पर पहुंचने को कहा गया, जिससे घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके। इन गांवों के एक सौ से अधिक ग्रामीणों ने तेजी से जिस तरह से रेस्क्यू किया, उसने इतने बड़े हादसे के बाद भी जहां कम से कम समय में घायल को उपचार उपलब्ध कराया है।
वहीं जनहानि की संभावना को भी कम किया है। प्रत्यक्षदर्शी विश्वमित्र भट्ट ने बताया कि डालसिंगी को छोड़कर अन्य गांवों की घटनास्थल से दूरी डेढ़ से दो किमी है। लेकिन गांवों के लोग घटना के 15 से 20 मिनट के भीतर दौड़ते हुए मौके पर पहुंच गए थे, जिससे घायलों को समय पर उपचार मिल सका।